फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: रोडवेज डिपो में स्थापित नहीं हो सका चार्जिंग स्टेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
छह माह पहले मिली थी स्वीकृति, इलेक्ट्रिक बस का नहीं हो पा रहा नियमित संचालन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में रोडवेज बसों के संचालन को लेकर अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि तक मौन बने हुए हैं। रोड़ा स्थित रोडवेज डिपो भवन में जनवरी माह में चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने की स्वीकृति मिली थी लेकिन छह माह बाद भी इसे स्थापित नहीं किया जा सका है। ऐसे में शासन से स्वीकृति मिलने के बाद भी झांसी-ललितपुर रूट पर ई बसों का संचालन नियमित नहीं हो पा रहा है।
जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक दशक पहले रोडवेज डिपो की 20 लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन हुआ था। साथ ही ग्राम रोड़ा में रोडवेज डिपो की आधारशिला रखी गई थी। डिपो को वर्ष 2018 बनकर तैयार होना था। इसके लिए सात करोड़ से जमीन क्रय की गई थी साथ ही चार करोड़ 99 लाख रुपये जारी किए गए थे। तय समय पर कार्य न होने से डिपो के भवन की निर्माण राशि पांच करोड़ से बढ़कर लगभग दस करोड़ हो गई।
विज्ञापन

बीते वर्ष डिपो का भवन कार्यदायी संस्था से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को हस्तांतरित कर दिया गया। झांसी-ललितपुर रूट पर मध्य प्रदेश की सीमा होने से परमिट नहीं मिल सके। इस पर शासन ने दिसंबर 2024 में इलेक्ट्रिक बस संचालन के लिए स्वीकृति दी। स्वीकृति मिलते ही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी थी। विद्युत विभाग में लोड बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। इसकी प्रस्तावित राशि की स्वीकृति के लिए मामला शासन में अटका हुआ है। यही कारण है कि छह माह बाद भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं हो सका है।

19 बसों के परमिट मिलने के बावजूद शुरू नहीं हो सका संचालन
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 19 बसों के संचालन को परमिट जारी किए गए हैं। यह बसें तहसील, ब्लॉक व कस्बा क्षेत्र से मुख्यालय तक चलाईं जाना थीं। इन्हें दो माह पहले परमिट जारी हो गए थे। मुख्यालय से झांसी डिपो में बसें भी प्राप्त हो गईं हैं लेकिन अब तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन का संकट बना हुआ है।
विज्ञापन


वर्जन
ललितपुर रोडवेज डिपो में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए विद्युत लोड बढ़ाया जाना है। इसका प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। इसकी स्वीकृति का इंतजार है। -संतोष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें