अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गायत्री शक्तिपीठ पर चल रहे श्रीमद्भागवत प्रज्ञा पुराण के समापन पर 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ में 500 श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। मथुरा से आए कथा व्यास बालाजी रामायणी ने कहा कि गुरुदेव का कहना था कि विचारों के माध्यम से ही मनुष्य में बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव को दूर करने के लिए गायत्री मंत्र का जप लाभकारी साबित होगा।
इलाइट चौराहा के निकट स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर सात दिन से चल रहे धार्मिक आयोजन में रविवार सुबह चार बच्चों के विद्यारंभ और तीन पुंसवन (गर्भाधान) संस्कार पूजन कराया गया। जिला संयोजक आरबी नायक ने कहा कि बच्चों को दिए जा संस्कारों से उनमें बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज तनावग्रस्त युवा मामूली बात पर आत्महत्या कर रहा है। तनाव दूर करने के लिए गायत्री मंत्र अचूक दवा है, इसके मनन से आत्मिक शांति मिलती है। प्रत्येक परिवार को गायत्री यज्ञ में आहुतियां देनी चाहिए। मंचासीन नंदलाल सिंह, लक्ष्मीचंद अग्रवाल, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, प्रेम नारायण राजपूत ने यज्ञ में आहुतियां डलवाईं।
इस अवसर पर स्व. देवीशरण अग्रवाल की स्मृति में जीतू अग्रवाल ने सपरिवार पुरातन गायत्री परिजनों को गायत्री मां का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। संचालन प्रीतम सिंह राजपूत और आभार जिला समन्वयक राकेश बाबू नायक व मुख्य प्रबंध ट्रस्टी अमित श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान मीडिया प्रभारी सावन कुमार असाटी, नरेंद्र गुप्ता, अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. पंकज कुमार, लक्ष्मन प्रसाद पंथ, अंचल श्रीवास्तव, महिला मंडल से गायत्री श्रीवास्तव, दीपमाला झा, आकांक्षा राठौर, संगीता श्रीवास्तव, मंजू शिहारे, स्मिता राठौर आदि मौजूद रहे।