CBI arrested in postman for many laundary
ललितपुर। पांच वर्ष पूर्व डाकघर में हुए लाखों रुपये के घोटाले में सोमवार को एक वांरटी को गिरफ्तार करने के लिए लखनऊ से आई सीबीआई टीम ने दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
प्रधान डाकघर में हुए इस घोटाले में सीबीआई ने उच्चाधिकारी की तहरीर पर तीन पोस्टल सहायक समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद प्रवर अधीक्षक झांसी ने एक पत्र बचत अधिकारी कार्यालय को भेजा था, जिसका संज्ञान लेते हुये डाकघर में एजेंट कटरा बाजार निवासी मनोज कुमार सिंघई एवं एंजेंट अनिल कुमार जैन को 86 लाख रुपये की फर्जी गवाही में लिप्त पाया गया। इस संबंध में झांसी और आगरा के अधिकारियों ने जांच बैठा दी थी।
जांच में फर्जी नाम व पते से सैकड़ों खाते डाकघर में खोले जाने का मामला सामने आया था, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को भेजे गये धन व अन्य कई सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली रकम को जमा किया गया था। इसके बाद डाक एजेंटों की मिली भगत से जमा की गयी रकम को निकाल कर खुर्द-बुर्द कर दिया गया। जांच के दौरान तथ्य सामने आया था कि पोस्टल सहायकों ने एजेंटों को कमीशन देकर घोटाले में शामिल किया था।
जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रवर अधीक्षक झांसी की तहरीर पर सीबीआई की लखनऊ स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज कर लिया गया था। उक्त प्रकरण में डाकघर में तैनात पोस्टल सहायक इंद्रजीत तिवारी, शैलेश खरे, विनोद चौधरी, एजेंट सुनील तिवारी, मनोज व एक अन्य को नामजद करते हुए एक और मामला दर्ज किया गया था। उक्त प्रकरण में नामजद बुढ़वार रोड चांदमारी निवासी सुनील तिवारी पुत्र विद्याशंकर तिवारी को सीबीबाई लखनऊ की टीम ने कोतवाली पुलिस को सूूचित कर उसके घर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना ने बताया कि डाकघर के घोटाले के संबंध में आरोपी की गिरफ्तारी सीबीआई की लखनऊ टीम द्वारा की गई है।