ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शबिस्ता आकिल की अदालत ने तीन वर्ष पहले युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दस माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
महरौनी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने 12 सितंबर 2018 को कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि बीते पांच माह पहले वह ललितपुर से अपने घर गांव जा रही थी। करीब आठ बजे गांव के पास पहुंचते ही ग्राम गुढ़ा भदौरा निवासी देशराज चंदेल जो गुढ़ा बस चालक है, उसने उसे अकेला पाकर दबोच लिया और तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। वह कई बार उसके साथ दुष्कर्म कर चुका है। जान का खतरा होने के कारण उसने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई।
दूसरे माह उसे गर्भवती होने का पता चला। इस पर उसने देशराज को मोबाइल पर बताया तो उसने उसे घर बुलाया और उसने एवं उसकी पत्नी ने जबरन बंधक बनाकर गर्भपात की दवा खिलाई। साथ ही उसे जान से मारने को धमकाया। उसके आपत्तिजनक फोटो भी खींच लिए व वायरल करने की धमकी दी। रिपोर्ट दर्ज कराने पर ब्लैकमेल करने के झूठा मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने इस मामले में एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला विचाराधीन था। सहायक शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि न्यायाधीश ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।