फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: बारिश में डूब जाते हैं पुल-रपटे, कई गांवों का टूट जाता है संपर्क

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। विकास के दावों के बीच जिले में कई पुल और रपटे आज भी लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश के दौरान नदियां और नाले उफान पर आते ही कई पुल और रपटे जलमग्न हो जाते हैं, जिससे आवागमन ठप होने के साथ गांवों और कस्बों का संपर्क भी टूट जाता है। हालात जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक मुख्यालयों तक बने हुए हैं।
जखौरा ब्लॉक मुख्यालय को तालबेहट से जोड़ने वाले मार्ग पर खैडर नदी पर रपटा बना है। तीन से चार घंटे की बारिश में ही नदी उफान पर आ जाती है, जिससे रपटा पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। इससे आवागमन बंद होने के साथ ब्लॉक मुख्यालय के कार्यालयों और अस्पताल का संपर्क भी प्रभावित हो जाता है।
विज्ञापन

बांसी-बार मार्ग पर शहजाद नदी के पुल पर गोविंद सागर बांध के गेट खुलने के बाद पानी चढ़ जाता है। इससे आवागमन ठप हो जाता है। बार क्षेत्र के लोगों को झांसी और ललितपुर आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पुल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
ललितपुर-जखौरा मार्ग पर ग्राम सिरसी के पास खैडर नदी पर बना पुल काफी नीचा है। नदी में जलस्तर बढ़ते ही पुल जलमग्न हो जाता है। ऐसे में जखौरा क्षेत्र के लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क बाधित हो जाता है। लोगों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर राजघाट मार्ग से आना-जाना पड़ता है। बारिश के मौसम में यह स्थिति कई बार बनती है।
कस्बा बांसी से पुराने बार रोड पर स्थित पुल करीब एक दशक से समस्या का कारण बना हुआ है। यह पुल वर्ष में केवल गर्मी के कुछ महीनों में ही पूरी तरह उपयोग में आ पाता है। बारिश के दौरान बांध का जलस्तर बढ़ने पर पुल डूब जाता है। ऐसे में लोगों को छह से आठ किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन


सात वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा है सुरईघाट पुल
ललितपुर से बानपुर जाने वाले मार्ग पर सुरईघाट का पुल करीब सात वर्ष से क्षतिग्रस्त है। बारिश के मौसम में यहां छह माह तक आवागमन प्रभावित रहता है। बाद में मिट्टी डालकर मार्ग चालू किया जाता है, लेकिन बारिश में मिट्टी बह जाने से रास्ता फिर बंद हो जाता है। लंबे समय से पुल का पुनर्निर्माण नहीं हो सका है।

-
कुछ पुलों की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि अन्य प्रस्ताव कार्ययोजना में भेजे गए हैं। शहर में शहजाद नदी पर बन रहा पुल 15 जुलाई तक तैयार हो जाएगा।
— रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें