गोना तिराहे से पिपरट तक जाने वाली सड़क के बीच बने जामनी बांध के गेटों के पीछे नदी के कच्चे रिपटे की मरम्मत न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। पहले इसकी देखरेख सिंचाई विभाग द्वारा कराई जाती थी। लेकिन अब करीब 15 सालों से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया और न ही इसकी मरम्मत हुई है। बारिश के मौसम में गेटों के खुलने से रिपटे की पूरी सामग्री बह गई, जिससे आसपास के गांव के लोगों को पत्थरों पर चल कर नदी पार करनी पड़ती है। नदी की दोनो चोटी काफी ऊंची है, जिससे कई बार दुघर्टनाएं हो चुकी हैं और लोगों की मौत भी हो चुकी है।
इस मार्ग से सड़खरी, जमोरा, गोना, नयागांव, नाराहट, दिगवार, ड़ोगरा, पटना, पारोल, गुढा, खिरिया, चादोरा, गुरयाना, धोलपुरा, गदोरा, बरेजा, तरावली, महराज पुरा, देवरी, बछरावनी, भोटा, बहादुरपुर, अजुॅनखिरिया, बनयाना, ललितापुर, बछरई, मकरीपुर, झरावटा, पड़रिया आदि 50 गांवों के लोग गुजरते हैं। जर्जर हालत में पड़े इस रिपटे से शादी-विवाह होने के कारण भारी वाहन भी निकल रहे हैं। बारातियों को लाने वाली बसें भी इसी जगह से होकर गुजरती हैं। इससे अप्रिय घटनाएं होने की संभावनाएं बनी रहती हैं। बरसात के मौसम में यहां से निकलना मुश्किल दूभर हो जाता है। मिनटों के सफर में पूरा दिन लग जाता है।
नदी में हालत ऐसी हो गई है कि वाहन निकलना तो दूर की बात पैदल चलना भी दूभर हो गया है। क्षेत्रवासियों द्वारा पुल बनवाने के लिए कई बार शासन-प्रशासन से मांग की गई है, लेकिन अनदेखी के चलते आधा सैकड़ा गांवों के वासियों को आने-जाने में परेशानी होती है। इन गांवों के लिए यह एकमात्र सड़क होने के कारण यहां से गुजरना मजबूरी है। यह सड़क गोना एनएच-26 से मड़ावरा, मदनपुर टू लाईन को जोड़ती है। यहां छोटे-बड़े करीब दो हजार वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में इस पुल के बनने से राहगीरों को आवागमन में सुविधा हो जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह गेटों के पीछे जामनी बांध नदी पर पुल बन जाएगा तो क्षेत्र का विकास तेज गति से होगा और आने जाने वाले राहगीरों को आवागमन में सुविधा हो जाएगी।
50 से ज्यादा गांव प्रभावित
इस सड़क से 50 से अधिक गांवों के लोग आते-जाते हैं। रिपटा न बनने के कारण लोगों को परेशानी होती है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। कई बार मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
गुड्डू राजा, गुरयाना
बरसात में कट जाता है संपर्क
बरसात के दिनों में गांवों के लोगों का संपर्क कट जाता है। भारी वाहनों के निकलने से गहरे-गहरे गड्ढे हो जाते हैं। जनप्रतिनिधियों ने कई बार वादे किए हैं, लेकिन कोशिश नहीं की।
अकबर खां, महरौनी
क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के संबंध में मंत्री मनोहर लाल पंथ को अवगत करवाया है। पुल के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेंगे। लागत ज्यादा है इस कारण सरकार को ही निर्णय लेना है। इस समय बांध के ऊपर से ही वाहन निकल रहे हैं।
रामसूरत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग