तालबेहट(ललितपुर)। नगर के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन चौंसठ रिद्घि विधान का आयोजन हुआ, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
सुबह अभिषेक पूजन के बाद विश्व शांति एवं आत्म कल्याण की मंगल भावना के साथ मंत्रोचार के मध्य शांति धारा एवं पूजन विधान हुआ। इसके बाद विधान कर्ता इंद्रा कमल मोदी, महायज्ञ नायक पदमा विनोद, सौधर्म इंद्र प्रीति राहुल, धनकुबेर शिखा कपिल, श्रीपाल रोशनी गौतम आदि ने विभिन्न धार्मिक क्रियाएं पूरी कराई।
इस मौके पर नीलेश भैया ने मैना सुंदरी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए सिद्धचक्र महामंडल विधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिसके मंडल दर्शन से सभी दु:ख-दर्दों का निवारण हो जाता है और मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
रात्रि में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रतिष्ठाचार्य संजीव कंटगी भैया ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन जन्म एवं मृत्यु पर विजय प्राप्त कर आत्मा को परमात्मा बनाना है। इसलिए हमें निर्मल भावों और विशुद्धि के साथ सिद्धों की आराधना करनी चाहिए, जिससे जीवन और मरण से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि जीवन और मरण दोनों अधिक कष्टकारी है।
इस मौके पर पंडित विजय कृष्ण जैन, विनय भैया खनियाधाना, अशोक शास्त्री, जिनेश्वर दास, मिठया संत प्रसाद, अरूण बुखारिया, सनत कुमार, जयकुमार, विमल जैन, मनोज कुमार, मेधराज, मनीष कुमार, अनिल जेन, विशाल पवा आदि मौजूद रहे।