तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पारोल बरखेरा में ब्रिटिश शासन में जामनी नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया है। ग्रामीण पुल को बनवाने की मांग वर्षों से कर रहे हैँ। नेताओं ने खूब आश्वासन दिए, लेकिन अब तक सकारात्मक पहल किसी ने नहीं की। ऐसे हालातों में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने गांव के पहले काले झंडे बैनर लगा दिए हैं।
यह गांव विकास के नाम पर कोसों दूर है। यहां पर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई के साधन नहीं हैं।
चुनाव बहिष्कार करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल के बन जाने से कई गांवों के लोगों को सुविधा हो जाएगी। यह पुल डोंगरा, गुढ़ा, खिरिया, चांदोरा बरेजा, बरोदिया, सिगरवारा, दिगवार, पारौल, बरखेरा, नीमखेरा, दारूतला, दिदोनिया, मदनपुर मार्ग को जोड़ता है।