विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण ललितपुर डिपो की चालीस लोहिया बसें बंद कर दी गई हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
आजादी के लंबे समय बाद ललितपुर जिले को डिपो की सौगात मिली थी। हालांकि, ललितपुर में डिपो निर्माण कार्य चल रहा है, जो कि अभी पूर्णं नहीं हुआ है। इस कारण ललितपुर डिपो का संचालन अभी भी झांसी मुख्यालय से हो रहा है। बावजूद इसके परिवहन निगम ने जिले में लोहिया बसें चलाईं। सपा शासन में चलाई गई इन बसों से यात्रा करने में पच्चीस प्रतिशत छूट दी गई। किराया कम होने से लोगों का रुझान इन बसों के प्रति ज्यादा है। बसों में खूब यात्री भरे रहते हैं। झांसी से मदनपुर को तीन लोहिया बसें आती थीं जिनमें जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए सरकारी कर्मचारियों सहित जहां आम यात्रियों को अच्छी सुविधा मिल रही थी। लेकिन, विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगते ही ललितपुर डिपो की सारी की सारी लोहिया बसें बंद कर दी गईं। इसका कारण इन लोहिया बसों पर सपा के झंडे की पट्टी बनी हुई हैं। यही नहीं, अन्य कई बसें चुनाव में लगा दी गई हैं जिससे आवागमन कठिन हो गया है।
आरएम झांसी डीबी सिंह का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। कोई न कोई बस मदनपुर भेजी जाएगी। 10 फरवरी को एक बस मदनपुर आयी भी जो कि काफी जर्जर थी। यह बस झांसी 11 फरवरी को वापस गई। झांसी में ही खराबी आने के कारण यह बस दोबारा मदनपुर नहीं आई। क्षेत्रवासियों ने लोहिया बसों को चलाये जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।