ललितपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत गोवरधन योजना वेस्ट टू वेल्थ के लिए जिला स्तरीय समिति (गोवरधन सेल) का गठन किए जाने व परियोजना के सफल क्रियान्वयन को समीक्षा बैठक का आयोजन मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन मिश्रा ने कहा कि गोवरधन योजना केंद्र सरकार द्वारा अप्रैल 2018 से स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शुरू की गई। इसका उद्देश्य ग्रामों की साफ-स्वच्छ, जैविक व पशुओं के अपशिष्ट द्वारा ऊर्जा व आजीविका सृजन किया जाना है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत गोवरधन ‘वेस्ट टू वेल्थ योजना’ के लिए प्रदेश के 36 जनपदों में ललितपुर जनपद का चयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार जनपद में गोवरधन योजना का क्रियान्वयन किया जाना है। जिसमें एक मॉडल वायोगैस प्लांट पायलेट प्रोजेक्ट की स्थापना की जाएगी। इसमें उन्नत तकनीक का प्रयोग कर सामुदायिक वायोगैस प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो जैविक कचरे को निष्पादित करने में सहायक होगा। यह मॉडल वेस्ट टू वेल्थ व क्लीन एनर्जी की संकल्पना पर आधारित होगा। इस प्लांट से क्लस्टर बनाकर इस क्षेत्र में आने वाले आवारा/अनाथ पशुओं एवं गोशालाओं से उत्सर्जित गोबर आदि जैविक कचरे को एकत्र कर निष्पादित किया जाएगा। इससे उत्पन्न वायोगैस को कंप्रेस्ड वायोगैस में परिवर्तित कर इसे ईधन के रुप में सीधे उपभोक्ताओं व तेल कंपनियों को बेचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त स्लरी को जैव-उर्वरकों में परिवर्तित किया जा सकता है। मॉडल वायोगैस प्लांट पायलेट प्रोजेक्ट के रुप में तैयार किये जाने के लिए जनपद की एक ग्राम पंचायत का चयन किया जाना है। इसके लिए समिति के गठन के साथ-साथ एजेंसी का भी चयन किया जाना है। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त प्लांट की स्थापना के लिए समिति का गठन कर उचित एजेंसी का चयन करें, जिससे प्लांट की स्थापना का कार्य प्रारंभ किया जा सके। निर्धारित एजेंसियों के द्वारा जो भी वायोगैस प्लांट बनाये गए हैं, उनका विवरण उपलबध कराएं। इसके साथ ही स्थल का चयन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा उपस्थित रहे।