ललितपुर। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन नया मंदिर में शनिवार को भगवान बाहुबली का महामस्तिकाभिषेक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जैन संतों का धर्म एवं संस्कृति की रक्षा में योगदान है।
जैन मंदिर में महोत्सव का शुभारंभ प्रतिष्ठाचार्य राजेश जैन के संचालन में हुआ। इसमें आचार्य विद्यासागर महाराज एवं गणाचार्य विरागसागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीप जलाया गया। गणाचार्य विरागसागर एवं मुनि विनिश्चल सागर महाराज का पूजन चंद्रप्रभु महिला मंडल के संयोजन में हुआ। श्रद्धालुओं ने अर्घ्य समर्पित किए। मुनि विनिश्चल सागर महाराज के 48वें अवतरण दिवस पर पाद प्रक्षालन संजीव जैन परिवार ने किया। शास्त्र भेंट सुरेंद्र कुमार व मनोज जैन परिवार ने मुनिश्री को भेंट किए। मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की वेदिका पर विनय कुमार, मनोज कुमार एवं भगवान बाहुबली की वेदिका पर ध्वजारोहण बाहुबली कठरया ने किया।
इस मौके पर मेडिकल क्षेत्र में गोल्ड मेडल अर्जित करने वाली मेधावी डा. नैन्सी पुत्री नरेंद्र जैन को जैन समाज ने सम्मानित किया। विनयांजलि सभा में जैन संतों का धर्म एवं संस्कृति की रक्षा में योगदान अविस्मरणीय बताया गया। इस मौके पर दीप्ति जैन, चांदनी जैन व चंचल जैन ने विचार रखे। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मुनि प्रसाद सागर का ललितपुर में प्रवेश आज
जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने बताया कि मुनिश्री प्रसाद सागर महाराज अपने संघस्थ मुनिश्री पदम सागर महाराज, मुनिश्री उत्तम सागर महाराज, मुनिश्री शैल सागर महाराज, मुनिश्री पुराण सागर महाराज और मुनिश्री निकलंक सागर महाराज के साथ जाखलौन से विहार करते हुए रविवार को सुबह आठ बजे ललितपुर में प्रवेश करेंगे। मुनि संघ की अगुवाई रेलवे क्रासिंग से क्षेत्रपाल मंदिर के लिए होगी।