संवाद न्यूज एजेंसी
पाली। कस्बा में तेज आंधी व बारिश ने पान किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है, तेज हवाओं ने चार किसानों के बरेजा पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस बार पान किसानों को फसल से काफी उम्मीद थी, लेकिन अचानक मौसम की मार से उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है।
तेज आंधी और बारिश से पाली-जाखलौन मार्ग पर पान किसान रामशंकर चौरसिया की 25 पान क्यारियां, राजू चौरसिया 15, परमानंद चौरसिया 15, दिनेश चौरसिया 15 क्यारियां पूरी तरह जमींदोज हो गई । पान किसान ने बताया कि पुराने पान पत्ते की कीमत बाजार में अच्छी मिल जाती है, गर्मियों के सीजन में पान का पत्ता एक साल पुराना हो जाता है, जिसे अप्रैल- मई के मध्य तोड़ा जाता है। बरेजो में उपज अपना खूब रंग दिखा रही थी, पान समय पर तोड़कर बिक्री कर पाते इससे पहले बेमौसम प्राकृतिक आपदा ने सालभर की मेहनत और लागत पर पानी फेर दिया। तेज चली आंधी और बारिश से पान क्यारियां जमींदोज हो गई।
दिनेश चौरसिया ने बताया कि करीब दो लाख रुपये से उगाई गई पान की फसल बर्बाद हो गई है। साथ ही उसमें लगी घास- फूस लकड़ी बल्ली भी टूटकर बर्बाद हो गई है। पान किसानों ने बताया कि पान किसानों को मदद के नाम पर आज तक कुछ नहीं मिला, जिससे कि अपनी बर्बादी के बाद किसान फिर से अपनी खेती को पुनर्जीवित कर सकें। मदद न मिल पाने के चलते यहां का पान किसान साल दर साल पलायन करने को मजबूर है। पान किसानों ने जिला प्रशासन ने मदद की गुहार लगाई है।