तालबेहट क्षेत्र में तीन माह पहले ट्रक पलटने से से नारियल के बीच मिला था अवैध गांजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। साढ़े तीन महीने पर सात नवंबर को कोतवाली तालबेहट क्षेत्र में नारियल के बीच में बोरियों में एक क्विंटल 78 किलोग्राम गांजा बरामद होने के मामले में सोमवार को अपर जिला एवं सत्र/विशेष न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत ने पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दी हैं।
एएनटीएफ यूनिट झांसी प्रभारी चंदन पांडेय ने थाना तालबेहट में तहरीर देकर बताया था कि सात नवंबर 2025 को आगरा यूनिट से जानकारी मिली कि एक ट्रक उड़ीसा से अवैध गांजा की तस्करी करते हुए कच्चे नारियल के बीच छिपाकर सागर हाईवे से ललितपुर सीमा में दाखिल होने वाला है। उन्होंने तालबेहट पुलिस को सूचना दी और क्षेत्राधिकारी व पुलिस के साथ मौके पर हाईवे पर पहुंचे। अचानक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक से दो व्यक्ति मौके से भाग गए। एएनटीएफ यूनिट और तालबेहट कोतवाली पुलिस ने नारियल के बीच में आठ बोरियों में एक क्विंटल 78 किलो गांजा बरामद किया था। इस पर पुलिस ने ट्रक मालिक के खिलाफ संंबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले में एएनटीएफ झांसी द्वारा विवेचना में पांच अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए हैं, जिनमें उड़ीसा के जिला गजापति तहसील नयाखेड़ा टंगारंग निवासी पीतर मांझी, जिला आगरा के थाना सैंया अंतर्गत ग्राम अयैला निवासी सत्यवीर पुत्र पहार सिंह, राजन पुत्र घनश्याम सिंह, बृजेश सिंह सिकरवार पुत्र महावीर सिंह एवं चंद्रपाल सिंह ने आरोपों को झूठा बताते हुए बचाव में न्यायालय में जमानत याचिकाएं प्रस्तुत की, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दी हैं।