संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला अस्पताल में आयुष भवन के पास पड़े कचरे का उठान न होने से मरीजों को उपचार कराना मुश्किल हो रहा है। कचरा आयुष भवन के द्वार के पास तक आ गया है। दुर्गंध से मरीज ही नहीं होम्योपैथी स्टॉफ भी क्षयरोग केंद्र में बैठकर उपचार करने को मजबूर हैं। कई मरीज तो दुर्गंध के चलते बिना इलाज कराए ही वापस हो रहे हैं।
आयुष भवन में होम्योपैथी, आयुर्वेदिक व योग कक्षा के साथ हेल्थ एटीएम और क्षय रोगी दवा वितरण कक्ष स्थापित है। यहां होम्योपैथिक ओपीडी में प्रतिदिन 80 से 100 मरीज आते हैं। आयुर्वेदिक ओपीडी में भी दवा लेने के लिए लोग पहुंचते हैं। लगभग 50-50 लोग योग व हेल्थ एटीएम पर आते हैं। बड़ी संख्या में क्षयरोगी भी दवा लेने आते हैं। इससे आयुष भवन में भीड़ जुटी रहती है। लेकिन, वर्तमान में यहां आ रहे मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को भी परेशानी हो रही है। कारण, आयुष भवन के बगल में कचरा घर तो बना दिया, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकीं।
कचरा घर खुला पड़ा है। कचरा का उठान न होने से ढेर लग गया है। अब स्थिति यह हो है कि कचरा ने आयुष भवन को दोनों ओर से घेर लिया है। बीते दिनों बारिश से कचरा पूरी तरह सड़ गया है। इससे उठती दुर्गंध से चिकित्सक व कर्मी तक कक्ष में नहीं ठहर पा रहे हैं। मरीजों को भी समस्या हो रही है।
दो विभागों के बीच फंसा अस्पताल का कचरा
अस्पताल के कचरा को कर्मी लगातार दूर तक फैलाते जा रहे हैं। कुछ ही दिन ध्यान न दिया तो सीसीयू तक पहुंचने में भी देर नहीं लगेगी। अस्पताल प्रशासन व नगर पालिका परिषद दोनों ही एक दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कचरा उठान के लिए नगर पालिका को पत्राचार किया है। पालिका के जिम्मेदारों का कहना है कि कचरा अंदर तक डला हुआ है, इससे मशीन उठान नहीं कर पा रही है। कचरा गिन्नोट बाग में डाला जाए तो नियमित रूप से उठान होता रहे।
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अस्पताल परिसर के कचरा उठान के लिए नगर पालिका परिषद को पत्र लिखा गया है। जल्द ही उठान कराया जाएगा।
- डॉ. डी नाथ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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अस्पताल परिसर में अंदर कचरा डाला जा रहा है, वहां मशीन नहीं उठा पा रही है। इसे गिन्नौट बाग में डाला जाए तो नियमित उठान होता रहेगा। - - जितेंद्र तिवारी, सफाई निरीक्षक