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Lalitpur News: गर्मी बढ़ते ही गहराने लगा विद्युत संकट, करीब 15 फीसदी बढ़ गया लोड

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रात भर बिजली की आंख-मिचौनी से लोगों की नींद उड़ी ट्रिपिंग से शहर-गांव भी बेहाल
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पिसनारी फीडर की सात बार बिजली हुई गुल, कटरा बाजार में आधी रात में आपूर्ति ठप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गर्मी बढ़ने के साथ जनपद में बिजली का लोड करीब 15 फीसदी तक बढ़ गया है, जिसका सीधा असर आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। दिन में राहत के बावजूद रात होते ही ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से लोगों की नींद हराम हो रही है। पिसनारी फीडर समेत कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने से उपभोक्ता पूरी रात परेशान रहे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज ने हालात और खराब कर दिए हैं।
बृहस्पतिवार रात शहर के लक्ष्मीपुरा, पिसनारी और फीडर नंबर एक व तीन से जुड़े क्षेत्रों में सप्लाई फाल्ट के चलते बिजली बार-बार बाधित होती रही। पिसनारी फीडर पर रात करीब 12 बजे के बाद ट्रिपिंग का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। उपभोक्ता विनोद निरंजन के मुताबिक रात 1:15 बजे तक सात बार बिजली गई। वहीं कटरा बाजार में भी आधी रात सप्लाई गुल हो गई।
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शिकायतों के बाद विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर लाइन दुरुस्त की, लेकिन तब तक लोग गर्मी से बेहाल हो चुके थे। फीडर नंबर एक सरदारपुरा की सप्लाई रात 12:15 बजे बहाल हो सकी। शुक्रवार को भी आजादपुरा, डेम रोड सहित कई मोहल्लों में बिजली आती-जाती रही।
अधिकारियों के अनुसार इन दिनों बढ़ती गर्मी के कारण बिजली का लोड 115-120 एमवीए से बढ़कर करीब 15 फीसदी अधिक हो गया है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है।

“ईश्वर बिजली वालो, लाइट दे दो…”
आजादपुरा निवासी रामप्रकाश ने रात दो बजे विभागीय अधिकारी को संदेश भेजकर अपनी परेशानी जाहिर की— “तुमाई जय हो ईश्वर बिजली वालो लाइट देदो, मोड़ा-मोड़ी रो-रो के प्राण त्यागें दे राय।” इसके बावजूद सप्लाई सुचारु नहीं हो सकी और सुबह करीब पांच बजे जाकर राहत मिली।

रेलवे रोड पर लो वोल्टेज की शिकायत
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी ने फीडर नंबर चार से जुड़े रेलवे रोड क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या उठाई और समाधान की मांग की।
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ग्रामीण इलाकों में हालात और खराब
गौना, नाराहट सहित करीब 25 गांवों में लो वोल्टेज और अघोषित कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। न पंखे चल पा रहे हैं और न ही पानी के लिए मोटर। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पहले प्रस्तावित पावर हाउस बन जाता तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। अब इस मुद्दे को लेकर डीएम को ज्ञापन देने की तैयारी है।

जहां भी बिजली आपूर्ति की शिकायत मिल रही है, वहां टीम भेजकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। - वीरभद्र सत्यार्थी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
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