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शक्तिपीठ मां विंधेश्वरी धाम के महंत बने अनिल दास जी महाराज

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गुढा खिरिया में शक्तिपीठ मां विंधेश्वरी धाम के महंत बने अनिल दास महाराज साधु संतों की उपस्थिति म? - फोटो : LALITPUR
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गुढाखिरिया/ललितपुर। नाराहट क्षेत्र के सिद्ध शक्तिपीठ मां विंध्येश्वरी धाम में विधि-विधान पूर्वक धार्मिक अनुष्ठान हुआ, इसमें क्षेत्र के अनेक साधु संतों का समागम हुआ। इस अवसर पर शक्तिपीठ के महंत तपस्वी जी महाराज ने आश्रम के सारे दायित्व अपने शिष्य अनिल दास जी महाराज को सौंपे।
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महरौनी-नाराहट मार्ग पर कुड़ी घाट के समीप शक्तिपीठ मां विंधेश्वरी धाम स्थित है, जो कई वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। आश्रम में सिद्ध संत तपस्वी जी महाराज वर्षों से मां जगत जननी की सेवा कर रहे हैं। यहां पर दूर-दराज के क्षेत्र से श्रद्धालु आते हैं। माता रानी के दरबार में उनकी मन की मुरादें पूरी होती हैं। तपस्वी जी महाराज अब वृद्ध हो चले हैं और उनका स्वास्थ्य भी अब ठीक नहीं रहता है। ऐसे में उन्होंने विगत दिनों आश्रम के संपूर्ण दायित्व अपने परम शिष्य महरौनी निवासी अनिल पुरी गोस्वामी को सौंपने का निर्णय लिया था। अनिल एसबीआई के शाखा प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हैं। आश्रम से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है और वह कई वर्षों से अच्छे साधक भी हैं। सुबह से ही आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। सर्वप्रथम माता का अभिषेक और हवन पूजन हुआ। तत्पश्चात पंडित बाबूलाल द्विवेदी एवं पंडित अशोक रिछारिया के दिशा निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनिल पुरी को महंत बनाने का अनुष्ठान संस्कार शुरू हुआ। इस अवसर पर दूरदराज क्षेत्र से विभिन्न साधु संत भी पधारे और इस समारोह के साक्षी बने। इनमेें श्री सिद्धेश्वर पीठ के महंत हरिओम पाठक, चंडी माता मंदिर के महंत चंद्रेश्वर गिरी महाराज, सीता पाठ के महंत कृष्णेश्वर गिरी महाराज, कुआंताल मंदिर के महंत पुरी जी महाराज, नरसिंह मंदिर ललितपुर के महंत गंगा दास जी महाराज, नरसिंह मंदिर साढूमल के महंत सोहन दास जी महाराज, अखंड धाम आश्रम महरौनी के महात्मा अघट युक्ति आनंद आदि की प्रमुख मौजूदगी रही और सभी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। समस्त धार्मिक अनुष्ठान व क्रियाएं संपन्न होने के बाद सभी क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता जाहिर की । इस अवसर पर तपस्वी जी महाराज ने कहा कि वह लंबे समय से एक सुपात्र संत की तलाश में थे, जो शक्तिपीठ विंध्येश्वरी धाम की जिम्मेदारी संभाल सके। मातारानी की कृपा से उनकी तलाश पूर्ण हुई और अब अनिल दास जी महाराज को यह दायित्व सौंप कर वह निश्चिंत हो गए हैं और यह एक सुखद अनुभूति है। इस अवसर पर महंत अनिल दास जी महाराज ने कहा कि वह अपने गुरुदेव के आशीर्वाद से उनके कार्य को समर्पण भाव से आगे बढ़ाने हेतु सतत प्रयत्नशील रहेंगे। उन्होंने इस समारोह में पधारे सभी संतों और श्रद्धालुओं का आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर हटा मध्य प्रदेश के विधायक पुरुषोत्तम, जयशंकर प्रसाद द्विवेदी, ओमप्रकाश तिवारी, देवेंद्र श्रीवास्तव आदि अनेक क्षेत्रवासी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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