ललितपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कर्मियों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। वजन दिवस के बाद अब उन्हें एक और परीक्षा से गुजरना होगा। शासन ने पंद्रह से तीस सितंबर तक सघन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैैं। निरीक्षण में यदि कमियां पाई जाती हैं, उनके विरुद्घ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं की नौकरी आसान नहीं रही। पिछले दिनों शासन ने वजन दिवस मनाया। इस दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों ने आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। कार्यकत्रियों ने अभी राहत की ही सांस ली थी कि अब उन्हें सघन निरीक्षण अभियान की परीक्षा से गुजरना होगा। पंद्रह से तीस सितंबर के मध्य चलने वाले अभियान में आंगनबाड़ी केंद्र पर साफ- सफाई, हाट कुक्ड वितरण आदि का निरीक्षण किया जाएगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के डायरेक्टर आनंद कुमार सिंह ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि इस अभियान के दौरान प्रत्येक कार्यदिवस में आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के समय ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं अपने- अपने क्षेत्र में होंगे।
यही नहीं, विभागीय अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। आंगनबाड़ी केंद्र के नियमित संचालन होने की जानकारी ग्रामवासियों, लाभार्थी बच्चों के परिवारों एवं प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक से जुटाएंगे। निरीक्षण के समय निरीक्षणकर्ता आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों सहित अपनी फोटो भी खीचेंगे। यदि किसी आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में कमी पाई जाती है, हॉट कुक्ड नहीं बनता है, बच्चों की उपस्थिति कम है, साफ- सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है तो उसका स्पष्ट उल्लेख निरीक्षण आख्या में किया जाए। यदि किसी बाल विकास परियोजना अधिकारी अथवा मुख्य सेविका के द्वारा निर्धारित मानक से कम निरीक्षण किए जाते हैं अथवा प्रभावी निरीक्षण नहीं किया गया है, उसकी सूचना जिला कार्यक्रम अधिकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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डायरेक्टर के समक्ष रखी जाएगी आख्याएं
जिला कार्यक्रम अधिकारी पांच अक्तूबर को निदेशालय में निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराएंगे। यही नहीं, डीपीओ निरीक्षण के संबंध में प्रजेटेंशन (प्रदर्शन) भी करेंगे।