संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। कभी पूरे गांव की प्यास बुझाने वाले पुराने कुएं रखरखाव के अभाव के कारण कचरा घर बन चुके हैं। लेकिन, जीर्णोद्धार से अब इनके दिन फिरने वाले हैं। शासन प्राचीन बावड़ी और कुओं का जीर्णोद्धार कराएगा।
कस्बा मड़ावरा और सौंरई में चंदेल कालीन बावड़ियों और कुओं की भरमार है। लेकिन, रखरखाव एवं उपेक्षा के चलते ये जीर्णशीर्ण होती जा रही हैं। मड़ावरा के पुराना बाजार में सिंघई जी के मकान के पास एक प्राचीन और विशाल बावड़ी है। साथ ही प्राइमरी विद्यालय क्रमांक एक में, पंजाब नेशनल बैंक के पीछे स्थित मीठा कुआं, सहकारी बैंक परिसर स्थित कुआं, राम जानकी मंदिर के नजदीक स्थित पुराना कुआं अपना अस्तित्व खो चुके हैं। न