ललितपुर। मनरेगा के तहत जल संरक्षण को लेकर 222 अमृत सरोवरों पर काम शुरू किया गया। 205 सरोवर बनकर तैयार हैं। इस साल मानसून की अच्छी बारिश से ये सभी लबालब हो चुके हैं और इनमें करीब 20 लाख क्यूबिक घन मीटर पानी संरक्षित हो चुका है। रबी के सीजन में इन अमृत सरोवरों के पानी का लाभ 8-10 हजार किसानों को होगा और करीब 400 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी।
अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा जॉब कार्डधारकों से कराया गया। तालाबों को आकर्षक व उपयोगी बनाने के लिए यहां पाथ-वे, कुर्सियां, पेड़-पौधे, पंचायत चबूतरा आदि काम कराए गए। स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के लिए फ्लैग होस्ट बनवाया गया है। अमृत सरोवरों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम भी दिया गया है। इस साल औसत से भी अधिक बारिश हो चुकी है। इससे करीब 205 अमृत सरोवर पूर्ण रूप से भर चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक किसान इस पानी का उपयोग फसल की बोआई व सिंचाई के लिए कर सकेंगे।
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भूजल स्तर में होगा सुधार : अमृत सरोवर का लाभ गर्मियों के दिनों में गांव के लोगों के साथ मवेशियाें, पशु-पक्षियों को भी मिलेगा। इसके साथ भूगर्भ जलस्तर में भी सुधार होगा।
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मानसून सीजन में हो रही अच्छी बारिश से 205 अमृत सरोवर लबालब हो चुके हैं। इसमें संरक्षित पानी का लाभ रबी सीजन में किसानों को मिलेगा। उन्हें सिंचाई व बोआई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।
रमेश कुमार यादव, डीसी मनरेगा