ललितपुर। जिला अस्पताल में अवैध रूप से निवास करने वालों को प्रशासन से चार दिन की मोहलत मिल गई है। एसडीएम सदर ने सभी अवैध रहवासियों को निर्देश दिए हैं कि 19 जून के पहले वह जिला अस्पताल का हॉस्टल, कालोनी व प्राइवेट वार्ड खाली कर दें।
डीएम डा. रूपेश कुमार ने जिला अस्पताल में व्याप्त तमाम अनियमितताओं को लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय वासवानी को तलब किया था। साथ ही गैर कानूनी तौर पर रहने वाले लोगों को अस्पताल से बाहर निकालने का आदेश डीएम दिया था। सीएमएस द्वारा असमर्थता जताने पर डीएम ने अस्पताल परिसर खाली कराने की जिम्मेदारी एसडीएम सदर रमेश चंद्र को सौंपी थी। एसडीएम ने सीएमओ, सीएमएस व सीओ सदर के साथ बैठक कर मामले की पूरी जानकारी ली। अवैध रहवासियों द्वारा एसडीएम से कुछ दिन की मोहलत मांगने पर उन्हें चार दिन के अंदर जिला अस्पताल खाली करने का आदेश दिया गया। 19 जून को पुलिस कार्रवाई कर वार्ड और हॉस्टल आदि खाली कराएगी।
डीएम के निरीक्षण का दिख रहा भय
जिला अस्पताल में वार्ड ब्वॉय व स्वीपर द्वारा इलाज करने की जानकारी जिलाधिकारी को मिलने पर उन्होंने सीएमएस को कड़ी चेतावनी देने के साथ ही कभी भी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने की बात कही थी। डीएम द्वारा निरीक्षण कर स्थिति को जांचने की बात सामने आने के बाद से पूरे अस्पताल का माहौल बदला हुआ है। आराम करने वाले स्थायी कर्मी अब संविदा कर्मियों के भरोसे नहीं है।
प्राइवेट वार्ड का जिक्र न होने पर डीएम नाराज
सीएमएस डॉ. संजय वासवानी ने प्रशासन को अस्पताल परिसर में निवास करने वालों की जो लिस्ट सौंपी है, उसमें किसी प्राइवेट वार्ड का जिक्र नहीं है। जबकि, जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में संविदा कर्मी काफी समय से डेरा डाले हुए हैं। अमर उजाला ने इस सूची की खबर को मंगलवार के अंक में प्रकाशित किया, तो डीएम ने खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमएस से प्राइवेट वार्ड में रहने वालों की लिस्ट भी तलब कर ली है। इसके साथ ही प्राइवेट वार्ड भी संविदा कर्मियों से खाली कराने का आदेश दिया है।
जिला अस्पताल से अवैध रहवासियों के हटाने की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को दे दी गई है। समय सीमा के अंदर हॉस्टल, वार्ड व कालोनी खाली न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। अस्पताल में किसी भी प्रकार के अराजकता सहन नहीं की जाएगी।
- डा. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी