संवाद न्यूज एजेंसी
बरुआसागर। वर्तमान परिवेश में बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ धर्म की जानकारी भी देना चाहिए। प्रभु राम के जीवन और उनके संस्कार का ज्ञान बच्चों में होना आवश्यक है। यह उद्गार गुलाबबाग धाम में महिला धर्म समिति की ओर से आयोजित भागवत कथा में कथा व्यास नितिन महाराज ने प्रकट किए।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाहों की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि विवाह सोलह संस्कारों में एक संस्कार है, जिसे वैदिक विधि से करना चाहिए, जिससे हमारा दाम्पत्य जीवन आदर्श हो सके। कथा व्यास ने सुदामा चरित वर्णन करते हुए कहा कि मित्रता कृष्ण-सुदामा जैसी होनी चाहिए। परमात्मा जब किसी को सुख संपत्ति प्रदान करते हैं तो उसे आभास भी नहीं होने देते हैं, लेकिन इसके लिए स्वयं को प्रभु को समर्पित करना होगा। फिर प्रभु से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
इस अवसर पर चिंटू साहू, कमला देवी, अंकिता, संतोष योगी, सुनील, अंजना राय, सुनीता अग्रवाल व ऊषा अग्रवाल ने आरती की।कथावाचक पं. विनोद चतुर्वेदी ने श्रोताओं को आशीर्वचन प्रदान किए। श्रीमद्भागवत कथा पुराण का पूजन पं. प्रवीण तिवारी, आलोक पिपरिया व हरिओम तिवारी ने गया। इस दौरान सुजीत बकना, सुरेश राय, मनोज राय, रमेश चौरसिया, अजित श्रीवास्तव, अतुल सोनी आदि मौजूद रहे।