- हवाई अड्डा निर्माण के लिए रक्षा विभाग से ली जाने ही 64 एकड़ भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। हवाई अड्डा निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, यहां पर निजी भूमियों को पहले ही अधिग्रहण कर लिया गया था। रक्षा विभाग की भूमि में एक पेंच था, जिसको हल करते हुए जिला प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भेज दिया है। हवाई अड्डा अधिग्रहण में करीब 64 एकड़ रक्षा विभाग की भूमि का अधिग्रहण होना है।
जिले में वर्ष 2021 में हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की गई थी, जिला प्रशासन ने जिले में पूर्व निर्मित हवाई पट्टी व और उससे सटे गांव सेवनी की 390 एकड़ भूमि को चिह्नित की थी। इसमें निजी लोगों की भूमि व मकान शामिल थे। साथ ही इसमें 64.63 एकड़ रक्षा भूमि को शामिल किया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जमीन के बदले जमीन और मुआवजे की मांग की गई। मामला नागरिक उड्डयन विभाग के समक्ष पहुंचा तो उसने 64 एकड़ में से 29 एकड़ भूमि जिस पर हवाई पट्टी निर्मित है, उस पर अपना हक जताते हुए कागजात पेश किया। इसके बाद इस 29 एकड़ हवाई पट्टी की भूमि का विवाद शुरू हो गया। यह विवाद शासनस्तर पर पहुंचा और दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इस भूमि पर राज्यपाल ने एक आदेश जारी किया था कि जो भी हवाई पट्टी निष्प्रयोज्य है, उनकी भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्जकर दिया जाए। राज्यपाल के आदेश पर 1996 में जनपद स्थित हवाई पट्टी की 29 एकड़ भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज हो गई, जबकि कब्जा अबतक इस भूमि पर रक्षा विभाग का है। इस विवाद के कारण हवाई पट्टी निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा थी, इसके बाद जिला प्रशासन ने पत्रावली त्रुटि सुधार के लिए प्रस्ताव शासन को भेजकर दुरुस्त कराएं, साथ रक्षा विभाग की 64.63 एकड़ भी को नागरिक उड्डयन विभाग को हस्तांतरित करने संबंधी पत्रावली मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भेजी गई है।
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हवाई अड्डा निर्माण के लिए रक्षा विभाग से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए मंडलायुक्त के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। इसके लिए 64.63 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
सत्यप्रकाश जिलाधिकारी ललितपुर