तालबेहट। बृहस्पतिवार को छह मंदिरों से निकले भगवान के विमान प्रमुख मार्गों से होते हुए मानसरोवर पर पहुंचे, जहां पूजन-अर्चन व विहार के बाद महाआरती हुई। इसके बाद विमान अपने मंदिरों के लिए ले जाए गए।
डोल ग्यारस के दूसरे दिन विमान निकालने की परंपरा है। सायंकाल मदन मोहन सरकार, राधा बल्लभ, राधा रमण सरकार, रामजानकी मंदिर, बाला जी मंदिर और ध्रुवकुटी मंदिर से विमान निकाले गए, जो सभी पुराने जैन मंदिर के पास एकत्रित हुए। इसके बाद सभी विमान मानसरोवर पर पहुंचे। सभी का बारी-बारी से विहार कराया गया। इसके बाद सभी की संगीतमय महाआरती हुई। श्रद्धालुओं के जयकारे के बीच सभी विमान प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात अपने मंदिरों में पहुंचे, जहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण हुआ। इस दौरान विमानों में सवार भगवान की जगह-जगह आरती उतार कर स्वागत हुआ। इस मौके पर एसडीएम अभिजीत सिंह, सीओ रक्षपाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा, मंदिरों के पुजारी अशोक नायक, हित प्रसाद दीक्षित, आनंद दीक्षित, सुरेंद्र लिटौरिया, रामनारायण पाठक, संतोष उपाध्याय, उमेश अगरिया, आशीष त्रिपाठी, राजेंद्र लिटौरिया, सुनील त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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विमानों के नीचे से निकलने की है प्रथा : रात में जब विमान विहार करके वापस मंदिरों के लिए निकले तो विमानों के नीचे से बच्चों के निकलने की लाइन लग गई। माना जाता है कि विमान के नीचे से निकलने से भगवान की कृपा होती है।
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राम मंदिर से जलविहार के लिए निकाला ठाकुर जी का विमान
बार-देवरान। ग्राम देवरान स्थित श्री राम मंदिर से जलविहार के लिए ठाकुर जी का विमान धूमधाम से निकाला गया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विमान पठोरिया तालाब पहुंचा जहां ठाकुर जी को पुजारी शिवनारायण तिवारी ने वेद मंत्रों से उच्चारण कर अभिषेक किया और फूल माला अर्पण कर आरती की। इस दौरान पंडित गणेश शंकर दुबे, मोहित पुरोहित, गबरमेंट राजा, पवन साहू, सौभाग्य पुरोहित आदि भक्त मौजूद रहे। संवाद
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जागेश्वरी मंदिर से निकले भगवान
ललितपुर। राजपूत कॉलोनी स्थित मां जागेश्वरी मंदिर से प्रभु श्री बांके बिहारी लाल विमान में विराजमान होकर ढोल नगाड़ों के साथ जलविहार के लिए निकले। इस दौरान कॉलोनी वासियों के घर पर प्रभु की आरती उतारी गई, टीका एवं प्रसाद वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने अपने घरों के पास स्वागत के लिए जलपान आदि की व्यवस्था की थी। जलविहार के उपरांत प्रभु ढोल नगाड़ों के साथ पुनः श्री जागेश्वरी माता मंदिर में विराजमान हुए। इस अवसर पर अनिल रावत, वीर दुबे, रजनीश पुरोहित, महेंद्र यादव, राजकुमार यादव, अजय पटेरिया, जाहर पटेल, सुरेश त्रिपाठी, ओमकार दुबे, आशीष दुबे आदि मौजूद रहे। संवाद
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विमान को रात में रोका, सुबह भगवान की विदाई
गदयाना (ललितपुर)। मंदिरों से भव्य शृंगार के साथ भगवान श्रीकृष्ण और रामराजा के विमानों की शोभायात्रा निकाली गई। गढ़ी के मंदिर में भजन कीर्तन के बाद ठाकुर जी का भोग लगाकर दूसरे पहर में भव्य शृंगार के साथ विमानों में भगवान विराजमान हुए। शीतला माई के मंदिर से लड्डू गोपाल का विमान गढ़ी के मंदिर पर पहुंचे, जहां मुख्य पुजारी पं. शिवसागर भार्गव ने अगवानी की। यहां से दोनों विमान को गाजे बाजे के साथ कस्बे में भ्रमण कराते हुए शाम को रमाशंकर श्रीवास्तव ने अन्य मंदिर में रोका। देर रात तक भजन कीर्तन चलते रहे। सुबह प्रसाद वितरण के साथ ब्राह्मण भोज का आयोजन हुआ। शाम होते विमानों को विदा किया गया। इस मौके पर रघुवीर श्रीवास्तव, संदीप, अनुज भार्गव, उदल सिंह यादव, पंकज पांडेय, जितेंद्र भार्गव, हेमंत पस्तोर, सुरेंद्र त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। संवाद