ललितपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जिले के अधिकारियों द्वारा सूचना नहीं देना भारी पड़ गया है। जिले के आठ जनसूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने आवेदकों द्वारा प्रस्तुत द्वितीय अपील की सुनवाई करते हुए वादी को निर्धारित समयावधि में सूचनाएं नहीं देने में शिथिलता बरतने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों को जनसूचना अधिकारी के रूप में प्राप्त कार्यों व कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरते जाने व आयोग के आदेशों की अवहेलना किए जाने का दोषी माना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही निर्देश दिए कि वादी को अगले दस दिन में सूचना देना सुनिश्चित करें तथा अगली सुनवाई की तिथि पर स्वयं उपस्थित होकर प्रकरण में स्थिति स्पष्ट करें।
सुनवाई के दौरान आयुक्त ने विभागों के प्रथम अपीलीय अधिकारी को निर्देश दिए कि अधिनियम की धारा-19 (1) के तहत उनके समक्ष प्रस्तुत प्रथम अपील का निस्तारण निर्धारित समयावधि के अंदर किया जाए।
जिन जनसूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें जिला पंचायत राज अधिकारी दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एम के त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड- 3 गोपालजी, अधिशासी अभियंता
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग पी के पांडेय, ब्लाक बार के ग्राम पंचायत अधिकारी मंगल सिंह निरंजन, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम ओमप्रकाश, राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य पूनम मलिक और विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता प्रशांत कुमार शामिल हैं