- डेढ़ माह से एक दर्जन गांव की जनता थी परेशान, सात दिन में पेयजल आपूर्ति का आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना से डेढ़ माह में एक दर्जन गांव की करीब 25 हजार की आबादी को पानी न मिलने की खबर के बाद एडीएम नमामि गंगे ने जल निगम के अधिकारियों के साथ बांसी से लेकर शहजाद बांध तक निरीक्षण किया, जल निगम को तत्काल पेयजल आपूर्ति कराने के निर्देश दिए।
बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना से दर्जनों गांवों के लिए पेयजलापूर्ति की जाती है। इस योजना के तहत शहजाद बांध से पानी ग्राम सेरवास में बने इंटेकवैल में भेजा जाता है, यहां से पानी तेरई फाटक, टेटा, बांसी और आलापुर में बने जलाशय में भेजा जाता है। इन जलाशय से गांवों में बनी पानी की टंकी तक पानी भेजकर गांवों की पेयजल आपूर्ति की जाती है। जलाशय तक पानी पहुंचाने के लिए ग्राम टेटा और बांसी लिए डाली गई पाइपलाइन हाईवे के किनारे शहजाद बांध के जल भराव के बीच से निकली है। इस वर्ष अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में स्टीमर के टकराने से यह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद पाइपलाइन में मरम्मत के बाद जल आपूर्ति सुचारु हुई थी। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत में कमी रह जाने से नवंबर के पहले सप्ताह में इस क्षतिग्रस्त पाइपलाइन का लीकेज इतना बढ़ गया कि पूरा पानी बांध के जल भराव में ही बहने लगा और आगे पानी जाना बंद हो गया। इससे टेटा, बांसी और आलापुर में बने जलाशय तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है, इस वजह से एक दर्जन गांवों की 25 हजार आबादी पेयजल संकट से परेशान थी। इस समस्या को अमर उजाला ने 22 दिसंबर को पेज दो पर प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राजेश कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता जल निगम अवनीश सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल पाइप लाइन को मरम्मत करते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए।