- बाल श्रमिक दिखने पर श्रम विभाग के अधिकारियों को दें सूचना, प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि शादी विवाह में बैंड, लाइट, हलवाई व कृषि क्षेत्र में बालश्रम कराने वालों पर कार्रवाई होगी। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराने की शपथ दिलाई।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित श्रम विभाग व यूनिसेफ के पदाधिकारियों की बैठक में जिलाधिकारी ने कहा बालश्रम रोकने के लिए 17 जून तक विशेष जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। शादी-विवाह कार्यक्रमों में बाल श्रम को रोकने के लिए टैंट संचालक, डीजे, बैंड संचालक, हलवाई, शादी घर मालिकों व वर-वधु पक्ष से बाल श्रम न कराने का लिखित प्रमाण-पत्र लिया जाएगा। इसके बाद भी बाल श्रम पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। बेकरी संचालक, खाद्य सामग्री प्रतिष्ठान, अन्य प्रतिष्ठान में बाल श्रम करते पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के यू डायस कोड में पंजीकृत छात्र-छात्राओं का सर्वे किया जाए, इसमें 15 से 20 दिन अनुपस्थित होने पर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह, ईओ नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा, डीआईओ डीएस दयाल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजेश बघेल, बाल विकास परियोजना अधिकारी खुशबू यादव, कोमल सिंह नरवरिया, नंदित कुमार, एसीएमओ वीरेंद्र सिंह, यूनीसेफ से परीक्षित सेठ, इंटेक महासचिव विनोद कुमार मिश्रा, अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव, दीपाली पटेरिया, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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जुर्माना व सजा का है प्रावधान
बाल श्रम कराने पर न्यूनतम छह माह व अधिकतम दो वर्ष की सजा व 20 हजार से लेकर 50 हजार तक के जुर्माना है। जुर्माना व अपराध की पुनरावृत्ति होने पर एक से तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
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