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Lalitpur News: महावीर वन्य जीव विहार में दो फरवरी को पक्षी व पर्यावरण प्रेमियों का होगा समागम

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शासन ने वेटलैंड दिवस पर देवगढ़ में बर्ड फेस्टिवल आयोजित करने का लिया निर्णय
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रदेश सरकार ने इस बार वेटलेंड दिवस दो फरवरी को जनपद में बर्ड फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विगत वर्ष प्रयागराज में इसका आयोजन किया गया था। जनपद करीब 421 वेटलेंट हैं। यह वेटलैंड अधिकांश बांधों के जलाशयों में स्थित हैं। जिले में यह कार्यक्रम का आयोजन देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्यजीव विहार में किया जाएगा। इस समारोह में देश व विदेश पक्षी प्रेमी जुटने की उम्मीद है।
वेटलैंड जलाशयों के किनारे का ऐसा दलदलीय इलाका होता है, जहां पक्षी भोजन की तलाश में एकत्रित होते हैं। यहां पर सर्दी के मौसम में साइबेरिया से पक्षी आते हैं। इनके संरक्षण के लिए विगत वर्ष महावीर वन्य सैंक्चुअरी के समीप वेटलेंड का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था।
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गोविंदसागर बांध के भराव क्षेत्र में काफी वेटलैंड मौजूद है। बेतवा के आसपास के क्षेत्रों को भी भेजा गया है। वेटलैंड में पक्षियों को पर्याप्त आहार मिलता है, जिससे वे यहां विचरण करते हैं। रविवार को वन विभाग के कई अधिकारियों के जनपद में पहुंचने की उम्मीद है, जो आयोजन स्थल का भ्रमण करेंगे। यह पर्यावरण व पक्षी प्रेमियों के दृष्टि से यह आयोजन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिले में इन प्रजातियों के पक्षी आते हैं
विदेश से पक्षी अपना कुनबा बढ़ाने के लिए समूह में यहां आते हैं। चार महीने रहने के बाद 15 मार्च तक अपने बच्चों को लेकर अपने देश की ओर रुख कर लेते हैं। सर्दी बढ़ते ही यूरोप, साइबेरिया, कजाकिस्तान, मंगोल समेत अन्य देशों में तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है। इस वजह से वहां के पक्षी दूसरे देशों की तरफ रुख करते हैं। ये पक्षी राजघाट, माताटीला, गोविंद सागर, शहजाद, सजनाम, जामनी, रोहिणी आदि बांध के अलावा बेतवा, धसान, जामनी, शहजाद, सजनाम, नारायणी, सोंर आदि नदियों के आसपास डेरा डालते हैं। पक्षियों में नीलसर, कामन टूथ पिंटेल, सलही, वारनकटा, धारोंदर सवन, ठेकरी, पन कौवा, पनडुब्बी चमचा, सिलही, रिनघुर, कालासिर, बाजा, जल पीपी, सिहो, जांघिल और घीमा आदि पक्षी शामिल हैं। वहीं, साइबेरियन क्रेन, ब्लैक हैडिड गूल, सिलिंडर हेडिड गूल, पुस्पेड डक, पोचार्ड, गूज व विजिटिंग डक सहित कई पक्षी लंबी उड़ान भरते हुए आते हैं।

वर्जन
बर्ड फेस्टिवल जनपद के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। इससे जिले में पक्षी संरक्षण के उपायों में वृद्धि होगी। साथ ही यहां पर प्राकृतिक वातावरण का प्रचार-प्रसार होगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। - पुष्पेंद्र सिंह चौहान, पक्षी प्रेमी, अध्यक्ष गौरया बचाव अभियान
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दो फरवरी को आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों प्रारंभ कर दी गई हैं। शुक्रवार को स्वयं जाकर मौके का निरीक्षण किया था। इसके साथ ही अन्य अधिकारी भी जनपद में आने वाले हैं। यह आयोजन पक्षी व पर्यावरण प्रेमियों के यादगार होगा। जिले के यह गौरव की बात हैं। - गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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