ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में रोजगार सेवकों को उदासीनता बरतना महंगा पड़ गया। उपायुक्त श्रम रोजगार ने खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से एक दर्जन रोजगार सेवकों को नोटिस जारी करा दिए हैं, जिससे रोजगार सेवकों में खलबली मच गई है।
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में रोजगार सेवक रुचि नहीं ले रहे हैं, जिस कारण अनेक ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। इसका विपरीत प्रभाव रोजगार सृजन पर पड़ रहा है। इसे संज्ञान में लेकर श्रम रोजगार उपायुक्त नरेंद्र देव द्विवेदी ने संबंधित बीडीओ के माध्यम से जिले के एक दर्जन रोजगार सेवकों को नोटिस जारी कराए हैं। इनमें महेश कुमार तिवारी, राजेश खरे, कैलाश, सालिकराम, सुनील कुमार, रुद्रप्रताप सिंह, मनीराम, अजय कुमार, आनंद कुमार, रामकुमार, रामनरेश यादव, दलवीर सिंह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत टीकरातिवारी, बरोखरा, जैरवारा, मसौराखुर्द, ललितपुर ग्रामीण, लखनपुरा, जिजयावन, हर्षपुर, घिसौली, गौरा, दावनी, बसवां में रोजगार सेवकों की उदासीनता से दो कार्य भी प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्राम पंचायत में दो कार्य प्रारंभ नहीं होते हैं तो नियमानुसार सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
नोडल अफसरों से प्रारूप पर मांगी सूचना
जिलाधिकारी ने डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्रामों में चल रहे कार्यक्त्रस्मों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित नोडल अफसरों को दिए हैं।