ललितपुर। राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण योजना आयोग के चीफ एक्जीक्यूटिव आफीसर व टेक्निकल एक्सपर्ट ने बुंदेलखंड विकास अंतर्गत कराए गए कार्यों में अनेक कमियां पकड़ी। उन्होंने ग्राम अर्जुन खिरिया व समोगर में कूप धंसे मिलने पर नाराजगी व्यक्त की।
सीईओ डा. जेएस सामरा व टेक्निकल एक्सपर्ट डा. केएस रामचंद्रा ने जनपद प्रवास के दूसरे दिन स्थानीय अफसरों के बनाए गए कार्यक्रम को नजरअंदाज कर अन्य ग्रामों के कार्यों को देखा। उन्हें ग्राम समोगर में कूप धंसे मिले। ऐसा ही कुछ नजारा ग्राम अर्जुनखिरिया, बमराना में दिखाई दिया। यहां उन्होंने किसान मगन से कूप धसने के कारणों की तह तक पहुंचने की कोशिश की। ग्राम बमराना में मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के भुगतान की समस्याओं को भी सुना। इस दौरान उन्होंने गोरमथू किसान का भी कूप देखा। ग्राम सैदपुर में कृषि फार्म का निरीक्षण किया। पशुपालन अधिकारी ने बताया कि यहां 109 सांड आए थे, जिसमें से दस मर गए। इसके अतिरिक्त 34 लाभार्थियों को साड़ वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने रोहणी बांध की ओर रुख किया। यहां उन्होंने बांध का निरीक्षण करते हुए अफसरों से जानकारी हासिल की। इस दौरान अफसरों ने बांध के निर्माण को पूरा करने के लिए धनराशि दिलाने की मांग की। इस मौके पर सीडीओ, डीडीओ, पीडी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी साथ रहे।
इंतजार करते रहे अधिकारी
ललितपुर। सीईओ ने स्थानीय अफसरों की मंशा पढ़ ली थी। शायद यही वजह रही कि उन्होंने पहले से निर्धारित ग्रामों में नहीं जाकर दूसरे गांवों को चुना। इस कारण निर्धारित ग्रामों में पहले से तैयारी कर चुके संबंधित विभाग के अफसरों के चेहरों पर मायूसी देखी गई। तमाम अफसर विभिन्न ग्रामों में उनका इंतजार करते रहे लेकिन, वे वहां नहीं पहुंचे।