ललितपुर। दीपावली पर्व के बाद सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने निकले अपर जिलाधिकारी को विभिन्न विभागों में कई अधिकारी व कर्मचारी नदारद मिले। सीटों से गायब कर्मचारियों व अफसरों की सूची बनाकर अपर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को निरीक्षण आख्या सौंप दी है।
अपर जिलाधिकारी महेश प्रसाद सबसे पहले विकास भवन पहुंचे, यहां समाज कल्याण विभाग कार्यालय में उन्होंने हाजिरी रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया। हाजिरी के हिसाब से मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। इस दौरान छात्रावास अधीक्षक सत्यनारायण पटेल नदारद मिले। नेडा कार्यालय में परियोजना अधिकारी विनोद कुमार व कनिष्ठ सहायक राकेश वर्मा भी अपनी- अपनी सीटों पर नहीं मिले। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ सहायक रघुवीर साहू को छोड़ सभी लोग मौजूद मिले। लघु सिंचाई कार्यालय में लिपिक अकरम खां मौजूद नहीं मिले। कार्यालय पीएमजीएसवाई में तैनात चपरासी आशीष कुमार श्रीवास्तव बिना पूर्व सूचना के नदारद मिले। इसके अलावा उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय में विषय वस्तु विशेषज्ञ जगराम पाल, जिला पूर्ति कार्यालय में पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार, लिपिक विश्वेश्वर दयाल व अशोक कुमार नदारद पाए गए। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में सहायक लेखाकार के डी पांडेय भी मौजूद नहीं मिले। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक अख्तर जलील, मनोज सक्सेना, परिसेवक दुर्गादास बिना पूर्व सूचना के गायब मिले। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक सुशील गुप्ता मौजूद नहीं पाए गए। उप निदेशक कृषि कार्यालय के सील कक्षों में हाजिरी रजिस्टर बंद होने पर मौजूद अफसर व कर्मी उपस्थित पंजिका अपर जिलाधिकारी को नहीं दिखा सके। अपर जिलाधिकारी ने नई उपस्थिति पंजिका बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद एडीएम ने डीएम को कार्रवाई के लिए आख्या सौंप दी।
मूवमेंट रजिस्टर पर नहीं पड़ी नजर
ललितपुर। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी महेश प्रसाद की नजर जिला समन्वयक मूवमेंव रजिस्टर पर नहीं पड़ी। एक लिपिक की अभिरक्षा में रहने वाले मूवमेंट रजिस्टर से समन्वयकों की स्थिति का भी पता चल जाता। आम तौर पर मूवमेंट रजिस्टर तिथियां गुजर जाने के बाद मनमाने तरीके से भरा जाता है। जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद के निर्देशों के बावजूद मूवमेंट रजिस्टर अभी तक बीएसए चेंबर में नहीं रखा गया, साथ ही शिकायतकर्ताओं के नाम पते व मोबाइल नंबर वाला स्वागत रजिस्टर भी नहीं बनाया गया।