फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि योजनाओं की हकीकत जानने आई केंद्रीय टीम

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Lalitpur
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। बुंदेलखंड के किसानों की बदहाली दूर करने के लिए चलाई जा रहीं विभिन्न कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत जानने के लिए केंद्रीय टीम ने अध्ययन प्रारंभ कर दिया है। दो कृषि विशेषज्ञों की टीम ने न केवल विभागीय लेखाजोखा का अवलोकन किया बल्कि किसानों से भी उत्पादकता पर चर्चा की।
विज्ञापन

बुंदेलखंड में लोगों का प्रमुख पेशा खेती है और पिछले कुछ वर्षों से लगातार पड़ रहे सूखे ने यहां के लोगों को आर्थिक रूप से तोड़कर रख दिया था। हालातों से सबक लेते हुए इस क्षेत्र में न केवल वर्षा जल संचयन को लेकर योजनाएं संचालित की गईं बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित कीं। एनएफएसएम, आरकेवाई, आत्मा, मृदा परीक्षण, स्प्रिंकलर सेट अनुदान इनमें से प्रमुख हैं। उक्त योजनाओं केअंतर्गत जनपद के किसानों को पिछले कई वर्षों से समय- समय पर लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा आधुनिक खेती से जोड़कर फसलों की उत्पादकता बढ़ाने पर कार्यक्रम संचालित हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रतिवर्ष खेती किसानी पर सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। अब इन योजनाओं का असर जानने के लिए केंद्र सरकार गंभीर हो गई है। योजनाओं की स्थिति का आंकलन करने के लिए कृषि मंत्रालय भारत सरकार ने डा. केपीएस मलिक, डा. बीआर यादव को जनपद भेजा गया है। दोनों कृषि विशेषज्ञों ने तालबेहट ब्लाक के खांदी, सिरसी आदि ग्रामीण इलाकों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दो दर्जन से अधिक किसानों के साथ चरचा की। उप निदेशक कृषि कार्यालय में उन्होंने उत्पादन और उत्पादकता के आंकड़े भी जुटाए। इसके पश्चात दल मसौराखुर्द, मसौराकलां, भैसाई आदि गांवों का भ्रमण किया। यहां उन्होंने किसानों से विभिन्न फसलों की बुआई और समय- समय पर कीटनाशक आदि के छिड़काव की जानकारी ली। बताया जाता है कि भ्रमण को आए दल के विशेषज्ञ कृषि मंत्रालय और योजना आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें