संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए संचालित अमृत योजना 2.0 का 89 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलने के कारण इंटेकवेल का निर्माण अधूरा पड़ा है। इसके चलते पर्याप्त मात्रा में कच्चे पानी का उठान नहीं हो पा रहा है और योजना का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा। परिणामस्वरूप शहर की करीब 80 हजार आबादी अब भी पेयजल संकट से जूझ रही है।
अमृत योजना के तहत शहर के जलापूर्ति से वंचित और बाधित क्षेत्रों की लगभग 1.33 लाख आबादी को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 143.99 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया जा रहा है। योजना में तीन ओवरहेड टंकियों का निर्माण, एक स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर), पुराने तीन जल शोधन संयंत्रों की मरम्मत, राइजिंग लाइन और वितरण लाइन बिछाने का कार्य शामिल है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार तीनों जल टंकियों और स्वच्छ जलाशय का निर्माण पूरा हो चुका है। अधिकांश राइजिंग लाइन और वितरण लाइन भी बिछाई जा चुकी है। अब केवल इंटेकवेल निर्माण, 500 मीटर राइजिंग लाइन और करीब 10 किलोमीटर वितरण लाइन का कार्य शेष है। अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई विभाग से एनओसी न मिलने के कारण बांध क्षेत्र में इंटेकवेल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। वहीं रावतयाना टंकी को जोड़ने के लिए हाईवे क्षेत्र में राइजिंग लाइन बिछाने की अनुमति भी अभी तक नहीं मिली है। इन कारणों से योजना का कार्य अंतिम चरण में पहुंचकर भी अधूरा है।
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यह कार्य हो चुके हैं
तीन पानी की टंकियों का निर्माण
एक स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) तैयार
168 किलोमीटर वितरण लाइन बिछाई गई
दो किलोमीटर राइजिंग लाइन का कार्य पूरा
11 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन दिए गए
5,500 परिवारों तक पानी की आपूर्ति शुरू
पुराने जल शोधन संयंत्रों की मरम्मत
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यह कार्य अभी शेष हैं
बांध क्षेत्र में इंटेकवेल का निर्माण
हाईवे क्षेत्र से राइजिंग लाइन बिछाना
10 किलोमीटर वितरण लाइन
500 मीटर राइजिंग लाइन
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सिंचाई विभाग और हाईवे प्राधिकरण से एनओसी मिलते ही इंटेकवेल निर्माण और राइजिंग लाइन का कार्य पूरा करा दिया जाएगा। इसके बाद पेयजल आपूर्ति पूरी तरह सुचारु हो जाएगी।
मुकेशपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम, झांसी