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नाली व फुटपाथ पर अतिक्रमण, सड़कों पर खड़े हो रहे वाहन, बिगड़ रही यातायात व्यवस्था

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नाली व फुटपाथ पर अतिक्रमण, सड़कों पर पार्किंग
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ललितपुर।
शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा अतिक्रमण की चपेट में है। स्थानीय दुकानदारों ने नगर पालिका की सार्वजनिक नाली व फुटपाथ पर दुकानें सजा कर अतिक्रमण कर लिया है। इससे वाहन मुख्य मार्गों पर खड़े हो रहे हैं और इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित वीर सावरकर चौक शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा है। इस चौराहे पर स्थित एक निजी भवन में संचालित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के नीचे लगभग 10 दुकानें खुली हुई है। इन दुुकानों में मोबाइल, पान, होटल, जनरल स्टोर व लोहा उपकरण समेत अन्य व्यवसाय होते हैं। इन दुकानदारों ने नगर पालिका की नाली व फुटपाथ पर दुकानें सजाकर लगभग पांच से सात फुट तक अतिक्रमण कर लिया है। सड़क किनारे बने फुटपाथ पर अतिक्रमण होने के कारण दुकानों पर आने वाले ग्राहक अपने वाहनों को सड़कों पर ही खड़ा करना पड़ता है। इसके अलावा इन्हीं दुकानों के ऊपर संचालित बैंक के पास भी खुद का वाहन पार्किंग स्थल नहीं है। इससे बैंक स्टाफ के अलावा बैंक में आने वाले उपभोक्ता भी अपने वाहनों को मुख्य मार्ग पर ही खड़ा कर देते हैं। सुबह 10 बजे से देर शात 08 बजे तक यहां पर लगभग आधा सैंकड़ा मोटरसाइकिल खड़ी ही रहती है। इन वाहनों से शहर का मुख्य शाही मार्ग व कटरा बाजार, छत्रशालपुरा, महावीरपुरा, खिरकापुरा की ओर जाने वाले मार्ग प्रभावित रहता है। इससे हमेशा ही जाम की स्थित बनी रहती है। दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण से राहगीरों का तमाम तरह की दिक्कतें हो रही है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा इसी चौराहे से घंटाघर की ओर मोटरसाइकिल को छोड़कर अन्य वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध भी लगा हुआ है। इस कारण चार पहिया वाहनों को भी पार्क करने के लिए कहीं पर भी जगह नहीं मिलती है, इस कारण वह भी सड़कों पर वाहन खड़े करके चले जाते हैं और इस अव्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
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हटा दी चौराहे की पहचान
इस वीर सावरकर चौक की पहचान के लिए चौराहे का नाम का एक सरकारी बोर्ड लगा हुआ था, जिसको इन्हीं अतिक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया है। इससे यह चौराहे अब अपनी पहचान तक खो चुका है। इन दुकानदारों के खिलाफ नगर पालिका व यातायात पुलिस समेत जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है, इसी का नतीजा है कि यह समस्या काफी लंबे समय से चली आ रही है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए विभिन्न संगठनों व स्थानीय लोगों के द्वारा मांग न उठाई गई हो, लेकिन उदासीनता के चलते किसी संबंधित अधिकारी ने कार्रवाई करने की तकलीफ नहीं उठाई है।

बनी रहती है विवाद की स्थिति
दुकानदारों ने सरकारी नाली और फुटपाथ पर अतिक्रमण करके कब्जा कर लिया है और यदि कोई व्यक्ति अपना वाहन किसी अन्य दुकान के सामने पार्क कर देता है तो उक्त दुकानदार लोगों को झगड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। इस तरह के विवाद की स्थिति हमेशा ही बनी रहती है। कुछ दुकानदार तो गुंडई व दबंगई के चलते लोगों के साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। गौरतलब है कि गत दिवस यहीं स्थित एक दुकानदार ने वाहन पार्क करने के विवाद के चलते एक पिता व पुत्री के साथ सरे बाजार मारपीट कर दी थी। यह मामला पुलिस के पास भी पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की जगह और अतिक्रमणकारियों को हटाने की जगह एक पुलिस कर्मी तैनात कर दिया है।
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सहयोग मांगने पर करेंगे कार्रवाई
नगर पालिका की नाली व फुटपाथ पर अतिक्रमण से यदि यातायात बाधित हो रहा है, तो यातायात व्यवस्था को सुचारु करने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की है। वह वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पार्क करवाएं। यदि यातायात पुलिस अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पालिका से सहयोग मांगेगी तो विभाग पूरा सहयोग करेगा।
- अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।
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