ललितपुर। बिजली खपत और ओवरलोड कम करने के उद्देश्य से बिजली विभाग द्वारा मामूली कीमत वाले एलईडी बल्बों का वितरण काफी कम हो गया है।
जहां रोजाना एलईडी बल्ब लेने वालों की लाइन लगी रहती थी, वहां अब गिने-चुने उपभोक्ता ही पहुंच रहे हैं। विभाग ने अब तक सात लाख रुपये से अधिक के साढ़े आठ हजार से अधिक एलईडी बल्बों का वितरण कर दिया है।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा प्रदेेश में ओवरलोड और बिजली खपत की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाजार मूल्य से कम कीमत के सात वाट वाले एलईडी बल्बों का वितरण किया जा रहा है। सात वाट का एलईडी बल्ब विभाग द्वारा 85 रुपये में वितरित किए जा रहा है। विभाग द्वारा बल्ब पर दो साल की गारंटी दी जा रही है और खराब होने की स्थिति में इसे बदलने का प्रावधान भी किया गया है।
हालांकि, एलईडी बल्ब का वितरण उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों के भुगतान वाली रसीद दिखाने पर और किलोवाट के हिसाब से किया जा रहा है। एक किलोवाट के संयोजन पर उपभोक्ताओं को दो एलईडी बल्ब और दो किलोवाट के संयोजन पर चार एलईडी बल्ब दिए जा रहे हैं। अब तक शहर के लगभग तीन हजार उपभोक्ताओं को 8,700 एलईडी बल्बों का वितरण 7.39 लाख रुपए में किया गया है।
हालांकि, विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के लिए दस हजार एलईडी बल्बों को मंगाया गया था। शुरू में तो एलईडी बल्बों का वितरण एक दिन में छह सौ से सात सौ तक हो रहा था, लेकिन लगभग दो माह बाद उपभोक्ताओं में एलईडी बल्ब लेने का क्रेज या तो कम हो गया है या फिर विभाग द्वारा एलईडी बल्ब के फायदों का प्रचार-प्रसार सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। खराब होने पर अब तक 117 एलईडी बल्ब बदले गए हैं।
वहीं, विद्युत बिलों के सापेक्ष एलईडी बल्बों का वितरण नहीं हो पा रहा है। गत माह 29 फरवरी को विभाग द्वारा 49 उपभोक्ताओं को 185 एलईडी बल्बों का वितरण किया गया था। वहीं, एक मार्च को 18 उपभोक्ताओं को 70 बल्ब और अब तीन मार्च को 17 उपभोक्ताओं को 58 एलईडी बल्ब ही बांटे जा सके। विभाग के पास अब भी 1,300 एलईडी बल्ब बाकी हैं, जो उपभोक्ताओं में वितरित किए जाने हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बार अधिक वाट वाले एलईडी बल्ब आने की संभावना जताई जा रही है, जो उपभोक्ताओं में वितरित किए जाएंगे। गल्ला मंडी स्थित 66 केवी विद्युत सब स्टेशन पर एलईडी बल्बों के वितरण के लिए अवर अभियंता पंकज मौर्य के नेतृत्व में रमाकांत, तुलसी, लखन आदि को लगाया गया है।