अगाध श्रद्धा के साथ मनाई भगवान विश्वकर्मा जयंती
ललितपुर।
सृष्टि के रचियता भगवान विश्वकर्मा की जयंती विश्वकर्मा झा महासभा के तत्वाधान में रविवार को धूमधाम से मनायी गयी। इस मौके पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसका जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा तुवन मंदिर प्रांगण से शुरू होकर पूरे शहर में मुख्य मार्गों से निकाली गई।
रविवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर अजीतापुरा स्थित विश्वकर्मा मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के साथ हवन-पूजन का आयोजन किया गया। झा समाज के लोगों ने सुबह मंदिर में जाकर पूजन अर्चन किया और हवन में प्रतिभाग किया। वहीं, औद्योगिक केंद्रों, आईटीआई और विद्युत सब स्टेशन व उपकेंद्रों पर भगवान विश्वकर्मा जयंती पर पूजन व हवन का आयोजन किया गया और विधि विधान के साथ पूजन-अर्चन कर भोग प्रसादी वितरण किया गया। इस मौके पर विश्वकर्मा जयंती पर तुवन मंदिर प्रांगण से शहर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सर्वप्रथम अश्वों पर सवार सजातीय बंधु धर्म पताका लिये चल रहे थे। उनके पीछे डीजे बैण्ड सुमधुर धुनों पर भजन का गायन करते चल रहे थे। उसके पीछे युवा भजनों की धुनों पर थिरकते हुये चल रहे थे। तो वहीं महिलायें व युवतियां भी भगवान के मनोहारी भजनों पर नृत्य करतीं चल रहीं थीं। धर्मगुरूओं को बग्गी पर सवार होकर चल रहे थे, भगवान विश्वकर्मा जी के चित्र की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हुईं थीं।
ताजियेदारों की बैठक में लिया निर्णय
ललितपुर। आगामी दिनों में निकाले जाने वाले ताजिया को लेकर ताजिएदारों की एक बैठक बाबा सदनशाह स्थित रैन बसेरा में सदर रमजान अली की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया कि मोहर्रम की सात तारीख को अलम निकाले जाते हैं, जो इस बार नवरात्रि पर्व को देखते
हुए नहीं निकाले जाएंगे और चांद की आठ तारीख को बुर्राखे भी नहीं निकाली जाएगी। मोहर्रम की 9 तारीख को ताजिये व बुर्राक रात 8 बजे आजाद चौक से घंटाघर पर एकत्र होकर अपने-अपने मुकाम पर वापस चली जायेगी। चांद की 10 तारीख को ताजिए व बुर्राकें मुकाम से उठकर घंटाघर पर एकत्र होकर वीर सावरकर चौक होते हुए तालाबपुरा से कर्बला के लिए प्रस्थान करेंगे। बैठक में मो. कलीम, हमीद मंसूरी, अय्यूब अली, समद खां विक्की, मो.फिरोज, हाजी मो.नसीम, आविद मुबारक, सादिक अली, जब्बार, मकबूल खां, हारून खां, मजीद, सत्तार खां, साहिद खां, नाजिर खां, मो. साकिर, रहमत अली, सगीर, उसमान, रज्जव अली, अनवर खां, जाहिद मास्टर, मो. युनिस, बफाती खां मौजूद रहे।