शिक्षण संस्थानों से हटाए जाएंगे डीजल जनरेटर
ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्त होंगे शिक्षण संस्थान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शिक्षण संस्थानों को ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्त रखा जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल के आदेश पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पर्यावरण नॉर्म्स का पालन कराने के निर्देश जारी किए हैं।
कई शिक्षण संस्थानों में डीजल जनरेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कुछ शिक्षण संस्थानों के आसपास किसी न किसी तरीके से ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है। इसका विपरीत असर शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। वह कक्षाओं में चल रहे व्याख्यानों को ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं। बीते माहों में ऐसा ही मामला नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल के समक्ष आया। इस पर ट्रिव्यूनल ने आदेश पारित किया है। इसके अनुपालन में विभागीय अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। उधर, बीएसए घनश्याम वर्मा ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि वह जनपद के शिक्षण संस्थानों (शासकीय/ अशासकीय/ वित्त विहीन) में पर्यावरण नॉर्म्स (ध्वनि और वायु प्रदूषण) का अनुपालन कराए। इन निर्देशों के बाद शिक्षण संस्थानों में बेहतर माहौल तैयार होने की संभावना बन गई है।
बस स्टैंड करीब तो कैसे होगा ट्रिव्यूनल के आदेश का पालन
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन, प्राथमिक विद्यालय तलैयापुरा एक कैंपस में संचालित हैं। इससे चंद कदम की दूरी पर ही बस स्टैंड बना हुआ है। जिस कारण बसों के प्रेशर हार्नों से ध्वनि प्रदूषण आए दिन होता है।
दिव्यांगों की होगी जांच
वर्ष 2010 से अब तक सहायक अध्यापक भर्ती के अंतर्गत चयनित दिव्यांग अभ्यर्थियों का भौतिक परीक्षण किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने इसके लिए तिथि 21 जनवरी तय की है। उन्होंने कहा है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गठित पैनल के समक्ष चयनित अभ्यर्थी अपने दिव्यांग प्रमाण पत्र सहित उक्त तिथि को उपस्थित होकर जांच कराएं। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी भरत कुमार वर्मा ने ब्लाक के शिक्षकों से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।