अपनी सुरक्षा खुद कर रहे शहर के बाशिंदे
ललितपुर। शहर में बढ़ती आपराधिक वारदातों के मद्देनजर अब लोग अपनी सुरक्षा के इंतजाम खुद करने लगे हैं। पिछले चार महीने के दौरान मजबूत डिजिटल लॉक की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है। साथ ही घरों में सीसीटीवी और अत्याधुनिक हिडन कैमरे भी बड़े पैमाने पर लगवाए जा रहे हैं। सुरक्षा गार्डों की भी मांग बढ़ी है।
पिछले छह महीनों के भीतर कुछ ऐसी बड़ी आपराधिक वारदातें हुईं, जिनसे शहर के लोगों में दहशत है। ठेकेदार अनूप सहाय की घर के बाहर गोली मारकर हत्या, बड़ापुरा मोहल्ले में घर में सो रहे युवक की गोली मारकर हत्या का प्रयास, आजादपुरा मोहल्ले से चार वर्षीय मासूम का अपहरण समेत कई सूूने घरों में चोरी और राहगीरों से टप्पेबाजी जैसी घटनाओं से लोगों के दिल दहल गए। उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी। पुलिस से उनका भरोसा उठ गया। अमर उजाला तह में गया तो पता लगा कि पिछले चार महीनों में अत्याधुनिक मजबूत तालों और सीसीटीवी कैमरों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
ताले भी हैं निराले
- अब डिंपल की लॉक (इनकी डुप्लीकेट चाभी बनाना संभव नहीं है) के अलावा अलार्म लॉक भी हैं। इनके लॉक होने पर यदि कोई इन्हें हिलाने-डुलाने की कोशिश करेगा तो तेज आवाज के साथ अलार्म बजने लगेगा। इनकी कीमत पांच सौ से दो हजार रुपये तक है।
- बाजार में स्मार्ट ताले भी हैं। इन्हें फिंगरप्रिंट, स्वैप कार्ड, पासवर्ड और चाभी के जरिये ही खोला जा सकता है। इन तालों में सेटिंग के विकल्प हैं। आप चाहें तो ताले को घंटों के हिसाब से सेट कर दें। तब यह ताला उतने घंटे किसी भी कीमत पर नहीं खोला जा सकता है। इसके साथ ही इंटरनेट के माध्यम से कनेक्ट कर पूरे घर के कमरों को सुरक्षित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए यदि आप चाहते हैं कि ताला रात दस से सुबह पांच बजे तक नहीं खुले तो आप इसे उतने समय के लिए सेट कर दें। तब यह चाभी, फिंगरप्रिंट, स्वैप कार्ड और पासवर्ड से भी नहीं खुलेगा। कीमत है दस से 35 हजार रुपये तक।
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तीसरी आंख नहीं करेगी माफ
- बाजार में एक से 12 मेगा फिक्सल तक के सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं। इन्हें जूम भी किया जा सकता है। इसे घर में फिट करवा लीजिए और फिर हर आनेजाने वाले पर नजर रखिये। इसके साथ ही सोलर तकनीकि से लैस बिना तारों वाले कैमरे भी हैं जो जीपीएस से कनेक्ट होकर नजर रखी जा सकती है।
- चार कैमरे सहित रिकार्डिंग के लिए डीवीआर की कीमत 10 से 25 हजार तक है। इसके अलावा ऐसे कैमरे भी उपलब्ध हैं, जिनमें चिप लगाकर रिकार्डिंग की जा सकती है। यह सभी कैमरे नाइट विजन तकनीक से युक्त 180 डिग्री तक घूमने की खूबी रखते हैं। माइक लगवा लेंगे तो आवाज भी रिकार्डिंग हो जाएगी।
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इन बातों का भी रखे ध्यान
- नौकर, ड्राइवर और सफाई कर्मचारी, रसोइया को ड्यूटी पर रखने से पहले उसके बारे में जानकारी जरूर कर लें। पुलिस को अर्जी देकर इनका बेरीफिकेशन अवश्य करवा सकते है।
- घर में बुजुर्गों को अकेले नहीं छोड़ें। यदि मजबूरी है तो उनसे संपर्क बनाए रखे। थोड़ी-थोड़ी देर में उनसे बातचीत करते रहें। आस पड़ोस के लोगों के मोबाइल नंबर भी अपने पास रखें ताकि जरूरत पर उनसे जानकारी ले सकते हैं।
- यदि आप अपने बच्चे को रिक्शा, ऑटो या अन्य वाहनों के जरिये स्कूल भेजते हैं तो उसके ड्राइवर के बारे में जानकारी जरूर कर लें। उसका नाम, पता और ठिकाना जान लें।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग और अन्य जरूरी सरकारी विभागों के टेलीफोन नंबर अपने मोबाइल पर सेव कर लें।
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फोटो- 12
सामान्य तालों को समय गया
पिछले चार महीने में सीसीटीवी कैमरे की मांग दोगुनी बढ़ी है। खरीदार आपराधिक वारदातों का जिक्र भी करते हैं। वहीं कंप्यूटराइज्ड की-लॉक की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। अब सामान्य तालों का युग लगभग खत्म हो गया है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक ताले और घरों में ज्यादातर आधुनिक तालों की मांग बढ़ी है। लोग अब सुरक्षा पर पैसा खर्च करने से नहीं हिचकते। किसी भी कीमत पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम चाहते हैं।
पवन साहू, कैमरे और ताला कारोबारी