ललितपुर। नगर पालिका ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हाल ही में पूरे 15 दिन पखवाड़ा आयोजित कर शहरवासियों को साफ-सफाई के प्रति प्रेरित किया। नालियों की सफाई कराकर उसकी वीडियोग्राफी कराई।
लेकिन, नई कालोनी में रहने वाले 500 परिवारों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि न तो कालोनी में सफाई हो रही है और न ही पेयजल की ओर ध्यान दिया जा रहा है।
नगर सीमा पर बनी नई कालोनी में 504 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रहने को मजबूर हैं। राजकीय महाविद्यालय के पास बनी इस कालोनी में रहने वाले परिवार सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वांछित हैं।
यहां के वासियों ने कई बार अधिकारियों से अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे कालोनीवासी परेशान हैं।
कालोनी में 42 ब्लॉक बनाए गए हैं। इन ब्लॉकों में 504 परिवार निवास करते हैं। कालोनी की देखरेख की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लेकिन इस कालोनी की ओर विभाग का कतई ध्यान नहीं है।
अंधेरे में रहने को मजबूर
करीब एक वर्ष से कालोनी में रह रहे लोगों को अब तक बिजली की कोई सुविधा नहीं मिली है। इससे शाम होते ही यहां पर अंधेरा पसर जाता है।
पानी के लिए करनी पड़ती है मशक्कत
कालोनी में पानी की सुविधा के लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक पानी की टंकी रखी गई है। सभी आवासों में नल की व्यवस्था भी है, लेकिन टंकियों तक पानी पहुंचाने के लिए अभी तक जिम्मेदार विभाग द्वारा पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है।
पाइप लाइन नहीं होने की वजह से दूसरी व तीसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों को हैंडपंप से पानी ढोना पड़ता है। कालोनीवासी आधा दर्जन हैंडपंपों के सहारे पानी का इंतजाम करते हैं। कालोनी में नौ हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से तीन हैंडपंप खराब पड़े हैं।