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ऋषि मुनियों की संस्कृति को धरती पर पुन: लाने को समाज हो रही प्रेरित

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ऋषि मुनियों से समाज हो रहा प्रेरित
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आचार्य विद्यासागर का मनाया 73वां जन्मदिवस
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भारतीय संस्कृति के संवाहक संत हैं, जिन्होंने अपने तपस्चरण के साथ-साथ संस्कृति को अक्षुण्य बनाए रखने में समाज का मार्ग प्रशस्त किया। आचार्य विद्यासागर महाराज ने हिंदी, हथकरघा, चिकित्सा, शिक्षा के साथ साथ जीव दया के लिए गौ शाला निर्माण हेतु समाज को प्रेरित कर भारतीय संस्कृति का शंखनाद किया है, जिससे भारतीयता से ओतप्रोत संस्कृति के माध्यम से समाज ऋषि मुनियों की संस्कृति को धरती पर पुन: लाने के लिए प्रेरित हो रही है। यह विचार जैन मुनि अविचल सागर महाराज ने दिगंबर जैन नया मंदिर में संत आचार्य विद्यासागर महाराज के 73वां अवतरण दिवस कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि प्राचीन संस्कृति गौरवशाली रही है, जहां गुरुकुल की परंपरा का निर्वाहन कर अनेक महापुरुषों ने आदर्शमयी जीवन व्यतीत किया और समाज के लिए प्रेरणा श्रोत रहे। आचार्य विद्यासागर महाराज ने अनेकों धर्मग्रंथों का लेखन कर जहां समाज को अमूल्य निधि दी है, वहीं अनेक विद्वान आचार्य के जीवन को ज्ञान का अतुल्य भंडार और तप साधना की अमूल्य निधि मानकर अनेक आदर्शों का अनुसरण कर रहे हैं। वर्तमान में आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज तीर्थ क्षेत्र खजुराहो में विराजमान है, जहां निरंतर धर्म की पूर्व प्रभावना हो रही है। महिला संगठनों ने बृहस्पतिवार को आचार्य की संगीतमय पूजन अर्चन की, जिसका शुभारंभ पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, डा. अक्षय टड़ैया, मनोज जैन, संजीव जैन, अक्षय अलया जिनेंद्र जैन, महेंद्र चाँधरी गेंदालाल सतभैया, वीरेंद्र विद्रोही ने आाचार्य के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। जबकि चित्र अनावरण चंद्रप्रभु महिला मंडल, नंदा सुनंदा मंडल, विद्या पूजा मंडल, सुधा कलश भक्तांबर मंडल, जैन मिलन अरिहंत शाखा अखिल भारतीय दिगंबर जैन महिला परिषद, बाहुवलि पूजन संघ, पार्श्र्वनाथ पूजन संघ नया मंदिर, जैन नवयुवक महिला संगठन के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। मुनि अविचल सागर महाराज का पादप्रक्षालन महामंत्री डा. अक्षय टड़ैया ने कर पुर्ण्याजन किया जबकि शास्त्र सीमा बानपुर, पुष्पा जैन, मीना इमलिया समेत अनेक श्रेष्ठियों ने किया। जैन पंचायत ने महिला संगठनों को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर वीणा जैन, अनीता मोदी, सुधा सिमिरा, नीलम जैन चूढी, मधु खजुरिया, अर्चना जैन, अंजना अलया, सीमा चौधरी, जयंती अलया, सुषमा जैन, रजनी जैन, सरोज जैन, मीना जैन, राशि जेन, महिमा जैन, भारती जैन, सुधा जेैन आदि का विशेष योगदान रहा। सायंकाल में संगीतमय आरती हुई। आचार्य विद्यासागर पाठशाला परिवार द्वारा सिलोगन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को विद्या पूजा मंडल ने पुरुष्कृत कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमोद जैन, कपूर चंद, उदय चंद सराफ, मनोज जैन, जिनेंद्र जैन, डा. अशोक भावनगर, कन्छेदीलाल सिंघई, कल्याण चंद्र जैन, अनुराग सिंघई, नरेंद्र जैन, अजय जैन, मुन्नालाल भानगढ, संजीव जैन सीएससी, अकिंत मेडीकल, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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शरद पूर्णिमा पर श्वांस की दवा वितरित की
आचार्य विद्यासागर महाराज के 73वें अवतरण दिवस पर वीर सेवा संघ के तत्वावधान में विगत 43 वर्षों की परंपरा का निर्वाहन कर जैन अटामंदिर प्रांगण में श्वास की दवा वितरित की गई। संघ के संरक्षक अनंत सराफ ने बताया कि श्वास की दवा का सेवन करने वालों को यह अमूल्य निधि साबित होती है। दावा किया जाता है कि इस दवा के सेवन से श्वांस की बीमारी को लाइलाज आराम मिलता है। देर रात्रि तक श्वांस की दवा ग्रहण करने वालों का सिलसिला चलता रहा। इस मौके पर प्रदीप चिगलौआ, सुधीर बरया, अंशुल पहलवान, देवेंद्र जैन, संतोष जैन, मनोज जैन, अशोक सिंघई, सुबोध नायक, सुधीर कौशल, बबलू, सप्पू मिठया, संतोष जैन मिठया, संतोष जैन बामौरा जिनेंद्र पंसारी, अंकित जैन मोनू आदि का योगदान रहा।
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