बाजारों में महिलाओं के लिए बनेंगे गुलाबी प्रसाधनालय
ललितपुर। शहर के मुख्य बाजारों में अब महिलाओं को प्रसाधन जैसी समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। शासन ने नगर पालिका/ नगर पंचायतों के बाजारों में गुलाबी शौचालय (पिंक टॉयलेट) बनाने के लिए 15 लाख 68 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त की है।
आजादी के सात दशक के बाद भी नगरीय क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं हो सका है। विशेषकर बाजारों में महिलाओं के लिए प्रसाधन की समस्या देखी जा रही है। नगर पालिका क्षेत्र के किसी बाजार में शौचालय नहीं बनाया गया है। इनमें प्रमुख रूप से कटरा बाजार, साड़ी मार्केट, नझाई बाजार, लोहा पीतल बाजार, डा. भीमराव अंबेडकर कामर्शियल कॉम्प्लेक्स, मां कर्माबाई काम्प्लेक्स आदि शामिल हैं। सबसे ज्यादा बदतर स्थिति डॉ. भीमराव अंबेडकर कामर्शियल की है। यहां महिला दुकानदार प्रसाधन की समस्या से त्रस्त हैं। कमोवेश यही स्थिति नगर पंचायतों की है। जिसे ध्यान में रखकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत बाजारों में सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रत्येक निकाय के प्रमुख बाजार में एक सामुदायिक शौचालय प्रथम वरीयता में केवल महिलाओं के लिए बनवाने के लिए कहा गया है। नगर पालिका व नगर पंचायतों को पांच सीटर महिला शौचालय के लिए 3 लाख 92 हजार रुपये के हिसाब से धनराशि अवमुक्त की गई है। इससे शौचालय निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
भूमि होगी चिह्नित
शौचालय के लिए धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। अब बाजार में भूमि चिह्नित कराई जाएगी। उसके उपरांत ही निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा।
अभिषेक खरे, डीपीएम, नगर निकाय
इकलौते मूत्रालय के पास फैली रहती है गंदगी
शहर में इकलौता महिला पेशाबघर पुराने तहसील भवन के पास बना है। इसके समीप ही डंपिग स्थल होने से गंदगी अक्सर बनी रहती है। यही वजह है कि महिलाएं इसके इस्तेमाल से कतराती हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हैं।