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गोपनीय सर्वे पर टिका दावेदारों का भविष्य

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गोपनीय सर्वे पर टिका दावेदारों का भविष्य
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जनता में पैठ को भांप रहे राजनीतिक दल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। निकाय चुनाव में राजनीतिक दल कोई भी खतरा लेने के मूड में नहीं हैं। भाजपा व बसपा टिकट घोषित करने से पहले गोपनीय सर्वे करा रही है। इसमें दावेदारों की जनता में पैठ को आंका जा रहा है। यही वजह है कि उम्मीदवार के चयन पर अंतिम मुहर नहीं लग पा रही है।
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भारतीय जनता पार्टी में सबसे ज्यादा टिकट के लिए मारामारी है। कोई भी दावेदार खुद को कमतर नहीं मान रहा है। ऐसी स्थिति में शीर्ष नेताओं के सामने वास्तविकता सामने नहीं आ पा रही है। इसके मद्देनजर पार्टियों ने गोपनीय सर्वे कराने का निर्णय लिया है। इस फामूर्ले पर भाजपा व बसपा काम कर रही है जबकि सपा में टिकट के लिए दावेदार लखनऊ में डेरा डाल चुके हैं। यही नहीं, दावेदार टिकट की जुगत भिड़ाने के लिए तमाम नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। सोमवार को टिकट घोषित होने की संभावना जताई जा रही है। उधर, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दावेदार के प्राप्त आवेदन मांगे हैं। वहीं, गोपनीयता सर्वे कराकर दावेदारों की स्थिति भांपी जा रही है। इसी तरह बसपा भी गोपनीय सर्वे कराकर जनता का रुख जानने में लगी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा का कहना है कि समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। भाजपा व सपा के उम्मीदवार घोषणा पर नजर बनाए हुए हैं। बसपा जिलाध्यक्ष कैलाश नारायण कुशवाहा का कहना है कि एक नवंबर को उम्मीदवार घोषित हो जाएगा।
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