विधायक पत्नी ने दिखाई ताकत, सैंकड़ों शिक्षकों को साथ लेकर किया प्रदर्शन
ललितपुर। विगत रोज सदर विधायक की शिक्षिका पत्नी शकुंतला कुशवाहा द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में घुसकर तालबेहट के खंड शिक्षा अधिकारी के साथ अभद्रता करने और मुर्गा बनाकर मारपीट करने की धमकी देने का मामला सामने आया था। इस मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए शकुंतला ने उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले अपने सैकड़ों समर्थक शिक्षकों के साथ जिला कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी आवास पर पहुंचकर खंड शिक्षा अधिकारी पर भ्रष्टाचार व अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है।
विकासखंड तालबेहट के खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटैैरिया ने सोमवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा की शिक्षिका पत्नी शकुंतला कुशवाहा पर गाली-गलौज कर अभद्रता करने व मुर्गा बनाकर मारपीट करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इसी घटना के क्रम में मंगलवार को शिक्षिका शकुंतला कुशवाहा जो उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की महामंत्री भी उन्होंने अपने संगठन के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ंके साथ बीआरसी जखौरा पर एकत्रित होकर, जुलूस के रूप में जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद शाम करीब सात बजे सभी धरना प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी आवास पर पहुंचे और अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट विनोद कुमार पटैरिया पर भ्रष्टाचार व अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय के अभिलेख ऑडिट के नाम पर प्राथमिक विद्यालय से एक हजार रुपए और उच्च प्राथमिक विद्यालय से 1,500 रुपए वसूले जा रहे हैं। तुगलकी फरमान बैंक अधिकारियों को जारी किया गया है कि एसएमसी, बीईसी आदि खातों की धनराशि बिना उनके हस्ताक्षर के निर्गत नहीं किए जाए, जिससे काफी परेशान आ रही है। वहीं, आरोप लगाया है कि खंड शिक्षा अधिकारी एक सहायक अध्यापक को अपने चार पहिया वाहन में ड्राइवर के रुप में रखे हुए हैं। इसके अलावा संगठन पर अधिकारी पर सीसीएल व प्रसूति अवकाश में रिश्वत लेने व विद्यालयों के निरीक्षण के नाम पर अवैध उगाही करने का आरोप लगाया है। इस पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वसन दिया है।
जमकर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
कलेक्ट्रेट में करीब दो-ढाई घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बीच अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह और सदर उप जिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन सभी इस मांग पर अड़े रहे कि जिलाधिकारी स्वयं कलेक्ट्रेट में पहुंचकर उनका ज्ञापन लें। इसी जिद पर धरना प्रदर्शन के बीच जिला प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए कुछ हाईवोल्टेज ड्रामा भी किया गया। शकुंतला कुशवाहा ने खुद को आग के हवाले कर आत्मदाह करने की धमकी दी और वहीं कलेक्ट्रेट में लगे एक पेड़ पर फंदा डालकर फांसी लगाने का ड्राम भी किया गया। इसके बावजूद भी जब जिलाधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचे तो धरना प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी के आवास पर गए और ज्ञापन सौंपा।
निष्पक्ष होगी जांच
विधायक पत्नी ने शिक्षक संगठन के साथ ज्ञापन सौंपा है। इस पर मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। इस मामले में किसी का दबाव नहीं चलेगा, मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो आरोपी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मानवेंद्र सिंह
जिलाधिकारी, ललितपुर।
पहले क्यों नहीं की गई शिकायत
मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से फर्जी हैं। यह केवल दबाव बनाने और अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। यदि मैं भ्रष्टाचारी हूं और अनियमितताएं हैं तो संगठन द्वारा इससे पहले मेरे खिलाफ शिकायत क्यों नहीं की गई। बिलकुल मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विनोद कुमार पटैरिया
तालबेहट, खंड शिक्षा अधिकारी।