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निजी बसों में किराया पूरा सुविधाओं का टोटा

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प्राइवेट बस संचालकों से मनमानी से यात्री त्रस्त
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ललितपुर। प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बसों में रूट के हिसाब से किराया भी निर्धारित है। इसके बाद भी बस संचालक तय किराया से ज्यादा वसूल रहे हैं। बस में टिकट पर भी कुछ नहीं लिखा जाता है। ताकि इसकी शिकायत की जा सके। रोडवेज की बसें न होने से यात्रियों को मजबूरी में प्राइवेट बसों से ही सफर करना पड़ता है। जिले में 165 निजी बसें संचालित हो रहीं है। इनमें से 74 निजी बसों के पंजीयन अंतरराज्जीय जिलों के लिए हैं। 94 निजी बसों के पंजीयन मुख्यालय से ग्रामीण अंचल में चलने के लिए हैं। परिवहन विभाग में पंजीयन के दौरान बस संचालन के नियम बनाए गए हैं, जिसमें बस में सवारियों को यात्रा कराने की संख्या निश्चित की गई है। बस के संचालन का समय तय किया गया और बस के गंतव्य तक पहुंचने का समय तय किया गया है।
बसों में टिकट पर विवरण देने का प्रावधान है लेकिन, बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर बसें चला रहे हैं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। बसों में सवारियां भी ठूंसकर भरी जा रही हैं। बच्चों को यात्रा के दौरान अधिक परेशान होना पड़ रहा है। बच्चों को बस में अधिक भीड़ के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है।
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कंडक्टर सवारियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। सवारियों के इंतजार में बसों को बीच में ही रोक देते हैं।


तिपहिया में भी ज्यादा बैठाई जा रहीं सवारियां
ललितपुर। तिपहिया सवारी वाहनों में ओवरलोडिंग की जा रही है। हालत यह है कि निर्धारित मानक तीन के बजाय कहीं ज्यादा सवारियों को ठूंस- ठूंस कर बैठाया जा रहा है। इससे ऐसे वाहनों में भी दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इनमें अधिकांश टैक्सी ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में चल रहीं हैं जिससे इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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वर्तमान में कुछ निजी बसें स्पेशल परमिट पर चल रहीं हैं। कुछ बस संचालकों ने परमिट सरेंडर कर दिए हैं, जिससे निजी बसेें सड़कों पर कम चल रहीं है। हालांकि बसों के रूट पर जांच की जाएगी और बंद बसों को रूट पर चलवाया जाएगा। प्राइवेट बसों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। सत्येंद्र कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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