अमझरा चारागाह में रखे जाएंगे अन्ना जानवर
- छुट्टा पशुओं पर रोकथाम के लिए हो रही पहल
- जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर देखी जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को अन्ना पशुओं पर रोकथाम के लिए गोचर की जमीन को गोशाला के रूप में प्रयोग करने के लिए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने अमझरा और दूघई डुंगरिया गांव स्थित जमीनों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यहां की व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए।
डीएम ने बताया कि चारागार का विस्तार 104 एकड़ में है। साथ ही चारागाह से ही लगी वन विभाग की भूमि को मिलाकर कुल 300 एकड़ की जमीन उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि 15 अगस्त तक चारागाह में पौधे लगाकर तारबंदी करवाई जाए। साथ ही बताया कि चारागाह में पंप हाउस का निर्माण चल रहा है। पूर्व में यह चारागाह चारा नर्सरी केंद्र था जिसके भवन अभी भी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने कहा कि जो भवन पहले से उपलब्ध हैं उनका उपयोग भूसा गोदाम के रूप में किया जाएगा तथा जो भवन क्षतिग्रस्त अवस्था में उनकी मरम्मत कराई जाए। यहां के बाद डीएम दूधई डुंगरिया के चारागाह पहुंचे। खंड विकास अधिकारी बिरधा ने बताया कि चारागाह के किनारे लगभग 1100 मीटर में खाई खुदवाकर फेंसिंग का कार्य करा दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां खाई खोदा जाना संभव न हो वहां पर पौधे लगाकर तारबंदी करा की जाए। इसी दौरान जिलाधिकारी ने गांव की खेत तालाब योजना का भी निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में तालाब के बन जाने से गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को कार्य समयावधि के भीतर कार्य पूरा कराने के निर्देश। इस मौके पर उप जिलाधिकारी पाली नरेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य, सहायक अभियंता सीएलडीएफ, खंड विकास अधिकारी बिरधा सुनील कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।