महोली में कुआं निर्माण में बरती अनियमितताएं उजागर
- जांच टीम ने की रोजगार सेवक को हटाने व रिकवरी की सिफारिश
- डीएम के निर्देश पर हुई जांच, निर्माण में लाखों की बन रही रिकवरी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। डीएम मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर ब्लॉक बिरधा के महोली गांव में कुआं निर्माण की जांच में अनियमितताएं उजागर हो गई हैं। टीम में शामिल जांच अधिकारी ने रोजगार सेवक को हटाने एवं रिकवरी की सिफारिश की है। इसमें लाखों रुपये की रिकवरी बन रही है।
बीते माह महोली गांव के कई लोगों ने सीडीओ शिवनारायण को शिकायती पत्र देकर कराए गए कुआं निर्माण में गड़बड़ी होने की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आरटीआई कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत डीएम मानवेंद्र सिंह से की। उन्होंने सीडीओ को जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने उपायुक्त श्रम रोजगार इंद्रमणि त्रिपाठी को जांच का जिम्मा सौंपा। उन्होंने खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार, एपीओ बिरधा विकास शुक्ला व उमेश चंद्र झां के साथ गांव में जांच की। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों के बयान दर्ज किए और कुआें के निर्माण का जायजा लिया। दुरूजू के खेत पर कुएं को वर्ष 2013-14 में स्वीकृत किया गया। इसमें 3.73 लाख रुपये पर 1.99 एवं 1.74 लाख रुपये सामग्री का एस्टीमेट तैयार हुआ। लाभार्थी ने बताया कि उसने निर्माण के लिए बैंक से तीस हजार रुपये का ऋण लिया था। यही नहीं, इसे किसान क्रेडिट कार्ड के पैसे पूर्ण कराया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इसकी पुष्टि की। जिस पर जांच अधिकारी ने रिकवरी की सिफारिश की है। इसके बाद दरुऊ के खेत का जायजा लिया। वर्ष 2017-18 में 6.89 लाख रुपये का स्टीमेट स्वीकृत किया गया। मौके पर काम अधूरा पाया गया। लाभार्थी ने बताया कि कि कुएं की खुदाई मशीन से करवाई गई लेकिन कुएं में पानी भरा होने से इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी। मर्दन के खेत पर इस साल 6.87 लाख रुपये कुएं का स्टीमेट स्वीकृत किया गया है। मर्दन ने बताया कि उसने अपना कुआं मशीन से खुदवाया है। जिन मजदूरों ने कार्य कराया है, उनका अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इसके बाद माप पुस्तिका देखी। इसमें जो मशीन से खुदवा गया, उसका नाप नहीं की गई। इससे स्पष्ट है कि कुएं में पूर्व में ही मशीन से खोदा गया है। यदि कुएं को मशीन से खोदा गया था तो गहराई को घटाया क्यों नहीं गया है? मौके पर मस्टररोल भी पढ़कर सुनाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि कुएं पर श्रमिकों द्वारा कार्य नहीं किया गया है। इसमें 4.96 लाख रुपये वसूली की संस्तुति की गई है। रंका एवं हरिनारायण के खेत पर कुएं का निर्माण पूरा पाया। रमुआ के खेत पर वर्ष 2016-17 में 6.87 लाख रुपये का एस्टीमेट स्वीकृत किया गया। कुआं लगभग बीस फीट खुदा है। साइन बोर्ड किसी भी कार्य पर नहीं पाए गए जबकि प्रत्येक साइट पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश हैं। जांच अधिकारी ने खुमान, ज्ञान सिंह, इंद्रपाल के खेत पर बने कुओं की जांच की है। उनका कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक का व्यवहार खराब है। जॉब कार्ड श्रमिकों के पास नहीं पाए गए और न ही इस संबंध में रोजगार सेवक जवाब दे सका है। मरदू के जॉबकार्ड में कोई भी जानकारी नहीं मिली। उन्होंने ग्राम पंचायत की नियमानुसार बैठक बुलाकर ग्राम रोजगार सेवक को हटाने की कार्रवाई के लिए कहा है। उन्होंने जांच आख्या जिलाधिकारी के सामने पेश कर दी है। डीएम के निर्णय के बाद ही निर्माण के मामले में रिकवरी की जिम्मेदारी तय होगी।