सफर हुआ मंहगा, बस मालिकों ने बढ़ाया किराया
झांसी ललितपुर और सागर की यात्रा हुई महंगी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। महंगाई की मार से जूझ रहे लोगों को बस मालिकों ने करारा झटका दे दिया है। उन्होंने बसों के किराए में 10 से 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी कर दी है। इससे अब लोगों को यात्रा पर ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
ललितपुर में खरीफ फसल को भी बारिश ने नुकसान पहुंचा दिया है। लोग इससे उबर पाते कि बस मालिकों ने यात्री किराए में बढ़ोत्तरी कर दी है। जहां ललितपुर से झांसी का किराया 70 रुपये से बढ़कर 80 रुपये हो गया है। वहीं, ललितपुर से सागर 90 की जगह 110 रुपये हो गए हैं। यदि झांसी से सागर सीधे यात्रा करनी है तो यात्री को 180 रुपये देने होंगे। पहले से लोग डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की बढ़ोत्तरी परेशान हैं। अब बस यात्रा महंगी होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ललितपुर से झांसी के लिए लगभग पांच दर्जन से अधिक बसों का आना जाना होता है। ललितपुर से सागर के लिए भी लगभग एक दर्जन से अधिक बसों की आवाजाही होती है। इन बसों तीन हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। लेकिन निजी बसों का किराया बढ़ने से जहां विद्यालयों में शिक्षा के लिए जा रहे बच्चों को भी अधिक रुपयों का भुगतान करना पड़ेगा तो वहीं प्रतिदिन गांव से शहरों की ओर मजदूरी के लिए जाने वाले मजदूरों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। बस स्टैंड पर किराया सूची का बोर्ड न होने से आम यात्रियों को किराया की जानकारी नहीं होती है। इससे वह निजी बस संचालकों की मनमानी का शिकार हो जाते हैं। इतना ही नहीं बसों में मनमाना किराया लेने के बावजूद बैठने के लिए सीट मिलने की गारंटी नहीं होती है। ऐसे में कई यात्रियों को खड़े रहकर ही सफर करना पड़ता है। इस स्थिति में यात्री अधिक किराया देने के बाद अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं। लेकिन संबंधित अधिकारी जानकारी भी अंजान बने हुए है। इसका फायदा निजी बस संचालक उठा रहे हैं तो वहीं आम लोगों को जेब ढीली करना पड़ रही है।
निजी बसों के किराया बढ़ाने का कार्य संभागीय परिवहन प्राधिकरण का होता है। यदि निजी बसों का किराया बढ़ाया गया है तो इस पर संबंधित विभाग से जानकारी की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार
सहायक परिवहन अधिकारी
ललितपुर