कार्रवाई की संस्तुति होते ही सौभाग्य योजना की प्रगति में आया सुधार
कमिश्नर ने की थी धीमी प्रगति पर ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति
साप्ताहिक प्रगति में दक्षिणांचल निगम में पाया दूसरा स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन शासन द्वारा संचालित सौभाग्य योजना के अंतर्गत हर घर सहज बिजली योजना में हर घर को रोशन करने के लिए जनपद को 70 हजार 739 कनेक्शनों के लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष गत सप्ताह पूरे जनपद में मात्र 24 प्रतिशत कनेक्शन देने की प्रगति पाए जाने पर मंडलायुक्त ने सौभाग्य योजना से कनेक्शन देने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने और अनुुबंध को निरस्त करने की संस्तुति की थी, लेकिन इस सप्ताह ही कंपनी द्वारा इस सप्ताह में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत सभी जनपद में अब कनेक्शन देने में दूसरा स्थान पाया है।
बिजली निगम द्वारा सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर बिजली योजना के माध्यम से हर गरीब के घरों को रोशन करने का लक्ष्य जनपदों को दिया गया है, जिसके तहत जनपद ललितपुर में भी 70 हजार 739 नये कनेक्शनों का लक्ष्य दिया गया है और यह कनेक्शन देने का लक्ष्य अक्टूबर माह के अंत तक पूरा करना है। इसके लिए शुरुआत में तो बिजली विभाग के माध्यम से ही कनेक्शन देने का कार्य किया गया, विभाग पर अतिरिक्त बोझ होने के कारण कार्पोरेशन द्वारा विभाग के साथ ही नागपुर की एक कंपनी ट्रांसरेल को कनेक्शन देने का जिम्मा सौंपा गया, जिस पर 70 हजार 739 कनेक्शन देने का लक्ष्य अक्टूबर माह तक पूरा करना था। जिससे कंपनी द्वारा ललितपुर में जहां अपना कार्यालय संचालित नहीं किया गया तो वहीं कनेक्शन देने के लिए 320 की आवश्यकता के सापेक्ष मात्र 101 गैंग ही उपलब्ध कराई गई। जिसके चलते सौभाग्य योजना से कनेक्शन की प्रगति पिछले सप्ताह तक काफी धीमी रही, जिमसें पाया गया था कि 70 हजार 739 के सापेक्ष मात्र 17 हजार 500 नए कनेक्शनों ही दिए जा सके, जिसके तहत मात्र 24.74 प्रतिशत ही कनेक्शन देने की प्रगति पाई गई थी। वहीं उक्त कनेक्शनों के लिए 70 हजार 739 मीटरा के सापेक्ष मात्र पांच हजार मीटर लगाए जा सके, जिसका प्रतिशत भी 7.07 ही पाया गया। इसके साथ ही उक्त योजना में 19 हजार 287 लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 1499 एलटी पोल लगाए जाना पाया गया। इसके बाद उक्त योजना में ही 1538 ट्रांसफार्मर लगाने का लक्ष्य भी रखा गया था, जिसमें उक्त समीक्षा बैठक के दौरान तक कोई भी पोल लगना नहीं पाया गया था। उक्त आंकड़े सामने आने पर मंडलायुक्त ने उक्त योजना में इस धीमी प्रगति के लिए मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट करने और उसका अनुबंध निरस्त कर नई कार्यदायी संस्था को काय सौंपने के लिए संस्तुति कर दी थी, जिससे उक्त संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। मंडलायुक्त के तेवर देख और संस्था के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के बाद कार्यदाई संस्था की कार्यशाली में एक सप्ताह में ही देखने को मिला और इस सप्ताह की प्रगति रिपोर्ट में पूरे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत कनेक्शन देने में ललितपुर का दूसरा स्थान रहा है। साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार 24 से 30 सितंबर तक जनपद में 1330 विद्युत कनेक्शन दिए जाने थे, जिसके सापेक्ष कंपनी द्वारा इस सप्ताह में पांच हजार 421 कनेक्शन जारी किए हैं, जो लक्ष्य के सापेक्ष 408 प्रतिशत रहा है। वहीं, पूरे सितंबर माह में 25 हजार 737 कनेक्शनों के सापेक्ष 13 हजार 680 कनेक्शन जारी किए हैं। अब ऐसे में संस्था की कार्यशैली में सुधार के बाद मंडलायुक्त की संस्तुति पर फिर से विचार की स्थिति बन गई है और संस्था भी ब्लैकलिस्ट होने से बच गई है।