फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नमाज पढ़ने व धर्म परिवर्तन के फरमान की निकली हवा

विज्ञापन
विज्ञापन
धर्म परिवर्तन पर शिक्षा मित्रों का यू टर्न
विज्ञापन

ललितपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे शिक्षामित्रों ने एक सप्ताह पूर्व सामूहिक रुप से धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी दी थी, शुक्रवार का दिन व स्थान सदनशाह बाबा की मजार भी तय कर ली गई थी। पर, ऐन मौके पर शिक्षामित्रों ने यू-टर्न ले लिया। प्रदर्शनकारी केवल चादर चढ़ाने के लिए पहुंचे, जबकि नमाज किसी शिक्षा मित्र ने नहीं पढ़ी।
बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर हुए समायोजन को रद कर दिया है। इसके विरोध में जिला मुख्यालय पर शिक्षामित्रों के विभिन्न स्थानीय संगठनों के द्वारा संयुक्त रुप से संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष समिति के तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बुधवार से शुरूहुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ संगठन के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह बुंदेला ने सार्वजनिक तौर पर यह घोषणा की थी कि यदि आगामी एक सप्ताह में शिक्षामित्रों के हित में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उनका संगठन सामूहिक रुप से धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम धर्म अपना लेगा। इसी क्रम में उन्होंने अगले दिन बृहस्पतिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि संगठन सामूहिक रुप से शुक्रवार को नमाज पढ़ेगा और बाबा सदनशाह की मजार पर चादर भी चढ़ाएंगे। संघ के मुखिया का यह फरमान हवा-हवाई साबित हुआ है। शुक्रवार को कोई भी प्रदर्शनकारी शिक्षामित्र और न ही स्वयं संघ अध्यक्ष मनोहर सिंह बुंदेला नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे, प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ मजार पर चादर चढ़ाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामूहिक नहीं थी घोषणा
धर्म परिवर्तन करने की घोषणा सामूहिक संगठन की नहीं थी। यदि किसी को धर्म परिवर्तन करना है तो वह स्वतंत्र है। लेकिन, सामूहिक रुप से धर्म परिवर्तन करने वाली बात गलत है।
-भगवत सिंह वैस
जिलाध्यक्ष, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें