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कोटरा में आधे से अधिक हैंडपंप पड़े खराब

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कोटरा में आधे से अधिक हैंडपंप पड़े खराब
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ललितपुर। ब्लाक तालबेहट अंतर्गत ग्राम कोटरा में पेयजल की सुविधा के लिए लगे कुछ हैंडपंप शोपीस साबित हो रहे हैं। गांव में लगभग सात हैंडपंप लगाए गए हैं, इनमें चार हैंडपंप खराब हो गए हैं। वहीं कुछ में से पानी कम आ रहा है। ऐसे में पेयजल समस्या बढ़ती जा रही है।
गर्मी के मौसम की दस्तक देते ही कई गांव में पेयजल का संकट गहराता जाता है। जहां इस मौसम में अधिक पानी की आवश्यकता होती है। वहीं गर्मी बढ़ने के कारण जल स्तर घटता जाता है। ऐसे में अधिकांश हैंडपंपों से पानी कम आना शुरू हो जाता है और जल स्तर अधिक नीचे जाने पर हैंडपंप पानी देना छोड़ देते हैं। कुछ हैंडपंप खराब हो जाते हैं। ऐसी ही स्थित विकासखंड तालबेहट मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर से अधिक दूरी पर बसे ग्राम कोटरा की है। यहां पर पेयजल की सुविधा के लिए गांव में लगभग आठ हैंडपंप व गांव में पास में बने कुआ का ही सहारा रहता है। लेकिन गर्मी का सीजन आते ही पेयजल की समस्या बढ़ने लगती है। इस मौसम में सबसे पहले कूपों का पानी कम होने लगता है, जो लगभग मई माह के बीच तक पूरी तरह से कुआ खाली हो जाते हैं। कूपों के खाली होने से पूरा गांव हैंडपंप से पानी लेना शुरु कर देता है। ऐसे हैंडपंप पर अधिक भीड़ भाड़ बनी रहती है। साथ ही अधिक उपयोग होने से कुछ हैंडपंप खराब हो जाते हैं। वहीं कुछ हैंडपंप जल स्तर गिरन से पानी छोड़ देते हैं। इसके अलावा कइयों के पाइप खराब हो जाते हैं। जिनका पानी बोर में गिरता है। ऊपर तक कुछ ही पानी निकलता हैं। तो कुछ पानी कम होने के कारण भी कम पानी देते हैं। इससे गांव में पानी की समस्या गहराती जा रही है। गांव के चालू हैंडपंपों पर पानी भरने वालों की अधिक भीड़ लग रही है। हालत यह है कि लगभग बीस मिनट तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गांव से लगभग एक किलोमीटर से अधिक दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इससे पानी लाने में ही अधिक समय बर्बाद हो जाता है। जिससे अन्य कार्य करने में परेशानी हो रही है। इसके बावजूद सुधार नहीं हो पा रहा है। जिससे पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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गांव में लगे हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया है। कुछ हैंडपंप से कम पानी आ रहा है। ऐसे में पानी के लिए आधा घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। जिससे अधिक समय खराब हो जाता है।
- गोविंद सिंह

गांव से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर बने कूप से पानी लाना पड़ रहा है। यहां पर पैदल पानी जाना मुश्किल हो जाता है। जिससे साईकिल व दो पहिया वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
- रामबाबू नायक

गांव में लगे अधिकांश हैंपपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है। जिससे पेयजल का संकट अधिक गहरा गया है। हालत यह है कि पानी के अलावा अन्य कार्य करना मश्किल हो गया है।
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- दिग्विजय सिंह

ग्राम पंचायत में गर्मी के मौसम में पानी अधिक समस्या हो जाती है। जिसके लिए एक मोहल्ला में टैंकर से आपूर्ति की जा रही है। दूसरे में कूप पर इंजन चलाकर पेयजल की सुविधा दिलाई जा रही है।
छत्रपाल सिंह, ग्राम प्रधान
ग्राम पंचायत कोटरा
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