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दो विभागों में फंसकर रह गई रैदासपुरा की पेयजल समस्या

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दो विभागों में फंसकर रह गई रैदासपुरा की पेयजल योजना
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ललितपुर। शहर के वार्ड नंबर दो रैदासपुरा की पेयजल समस्या दो विभागों में फंसकर रह गई है। जल निगम और जल संस्थान इस मामले को एक-दूसरे के पाले में डालते दिख रहे हैं। इससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। यहां के लोगों को आधा किलोमीटर दूरी से पानी जुटाना पड़ रहा है।
जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों ने मोहल्ला रैदासपुरा में पेयजल समस्या की हकीकत देखने के बाद समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए पंप हाउस के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। इस पर लगभग तीन लाख चौरासी हजार रुपये का खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। जब पानी के सर्वे की बात आई तो पंप हाउस लायक पानी मौके पर नहीं पाया गया। इससे पंप हाउस के निर्माण की संभावनाएं क्षीण हो गईं। इसके बाद मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी में लगे हैंडपंप में मोटर लगाकर पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल की सुविधा मुहैया कराने पर सहमति बनी। विभागीय अफसरों ने एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। जब जल संस्थान से धनराशि की मांगने की बारी आई तो अधिशासी अभियंता प्रवीण यादव ने धनराशि की कमी बताकर हाथ खड़े कर दिए। इस पर पाइप लाइन बढ़ाने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जल संस्थान के अधिकारी अब भी जल निगम के भरोसे बैठे हैं।
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उधर, मोहल्ले में लगे हैंडपंप भी खराब होने हैं। चौबयाना क्षेत्र में भी कई हैंडपंप खराब हो चुके हैं। इससे पेयजल की समस्या गंभीर रूप धारण करती जा रही है। हालात यह है कि मोहल्लेवासियों को आधा किलोमीटर दूरी पर लगे हैंडपंप से पेयजल जुटाना पड़ रहा है।

डेढ़ माह से पेयजल के लिए परेशान हैं। बहुत मुश्किल से एक कुप्पा पानी ही मिल पाता है। इस वजह से हैंडपंप के बिना काम नहीं चल पा रहा है। वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर दो के बगल में हैंडपंप से पानी भर रहे हैं। घर से हैंडपंप की दूरी ज्यादा होने की वजह से साइकिल पर कुप्पा बांधकर पानी भरने जाते हैं।
- सौरभ, श्रद्धानंदपुरा

पाइप लाइन की आपूर्ति पहले से ही झटका दे रही है, अब हैंडपंपों ने साथ छोड़ दिया है। इनके खराब होने से पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है। लोग रात्रि में भी हैंडपंप से पानी भर रहे हैं, इससे समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- आलोक सोनी

मोहल्ला रैदासपुरा में संकरी गलियां हैं। यहां कम पानी पहुंच पाता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर यहां का सर्वे किया गया था। इस दौरान पाइप बढ़ाने की बात हुई थी। यह कार्य जल निगम को कराना है।
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- प्रवीण यादव, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान

मोहल्ला रैदासपुरा में सर्वे के उपरांत एस्टीमेट बनाने पर सहमति बनी थी। एस्टीमेट बनाकर जल संस्थान से पैसा मांगा, लेकिन उन्होंने अभी तक दिया नहीं है। इससे यह काम नहीं हो सका।
- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण
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